
पश्चिमी चंपारण, बिहार: जमीन के एक पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शिकारपुर थाना क्षेत्र के मढ़िया गांव में खेत में काम कर रहे एक दंपती पर कथित तौर पर हमला कर दिया गया। इस घटना में 58 वर्षीय लक्ष्मी चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी पत्नी पार्वती देवी को भी सिर में गंभीर चोट आई। इलाज के दौरान लक्ष्मी चौधरी की मौत हो गई। उनकी पत्नी का अस्पताल में उपचार जारी है।
खेत में काम कर रहे थे पति-पत्नी
परिजनों के अनुसार, लक्ष्मी चौधरी अपनी पत्नी पार्वती देवी के साथ खेत में सोहनी कर रहे थे। इसी दौरान पुराने भूमि विवाद को लेकर पड़ोसियों के साथ विवाद हो गया। आरोप है कि शैलेश पासवान, साहेब पासवान, सागर पासवान, लालू पासवान, राजेंद्र पासवान और राजकुमारी देवी हथियारों के साथ वहां पहुंचे और दंपती पर हमला कर दिया।
हमले में लक्ष्मी चौधरी के बाएं हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। वहीं, पार्वती देवी के सिर पर भी गंभीर चोट लगी। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण दोनों को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल ले गए।
बेतिया में इलाज के दौरान तोड़ा दम
अनुमंडलीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए बेतिया स्थित जीएमसीएच रेफर कर दिया। मंगलवार रात इलाज के दौरान लक्ष्मी चौधरी की मौत हो गई। उनकी पत्नी पार्वती देवी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
तीन कट्ठा जमीन को लेकर चल रहा था विवाद
बताया जा रहा है कि लक्ष्मी चौधरी और लालू पासवान के बीच तीन कट्ठा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस मामले में डीसीएलआर न्यायालय का फैसला लक्ष्मी चौधरी के पक्ष में आया था। कुछ महीने पहले प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में उन्हें जमीन पर कब्जा दिलाया था और घेराबंदी भी कराई थी।
इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। घटना के समय लक्ष्मी चौधरी के चारों बेटे बाहर काम करने के कारण घर पर मौजूद नहीं थे।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी
शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
फिलहाल पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद होगी।
सत्य रिपोर्ट की ओर से: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और पुलिस के बयान पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।



