
बेंगलुरु, कर्नाटक: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संस्थापक आशुतोष रांका को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दोनों पर विदेशी फंडिंग लेने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्री का दावा है कि अभिजीत दीपके को अमेरिका में रहने वाले दानदाताओं से आर्थिक मदद मिली, जबकि आशुतोष रांका को पाकिस्तान के राजनेताओं और उनके संपर्कों के जरिए पैसा मिल रहा है।
जितेंद्र सिंह ने ये आरोप 3 नवंबर को बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए। उन्होंने दावा किया कि विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के खिलाफ अभियान चलाने और लोगों के बीच सरकार विरोधी विमर्श तैयार करने के लिए किया जा रहा है।
अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोग खुद को जनआंदोलन का नेता बताकर विदेशी स्रोतों से आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अभिजीत दीपके को अमेरिका स्थित दानदाताओं से फंडिंग मिली है।
वहीं, आशुतोष रांका को लेकर उन्होंने दावा किया कि उन्हें पाकिस्तानी राजनेताओं से पैसा मिला है और कथित तौर पर उनके संपर्कों के माध्यम से भी रकम पहुंचाई जा रही है।
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ विदेशी वित्तपोषित गैर-सरकारी संगठन और भारत विरोधी संगठन इस तरह के अभियानों को आर्थिक मदद दे रहे हैं। हालांकि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों के समर्थन में विस्तृत वित्तीय दस्तावेज या लेनदेन का ब्योरा सामने नहीं आया है।
SIR के खिलाफ अभियान को लेकर भी उठाए सवाल
जितेंद्र सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में चल रहे अभियान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।
मंत्री का दावा था कि कुछ संगठन और कार्यकर्ता चुनावी प्रक्रिया को लेकर गलत धारणा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों के पीछे इस्तेमाल हो रहे धन के स्रोतों और संसाधनों की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने एक महिला कार्यकर्ता का जिक्र करते हुए यह भी आरोप लगाया कि उसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आर्थिक सहायता मिल रही थी।
विदेशी फंडिंग पर FCRA का किया बचाव
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम यानी FCRA का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य विदेशी स्रोतों से आने वाले धन पर निगरानी रखना और उसके इस्तेमाल को नियंत्रित करना है।
उनका कहना था कि किसी भी संगठन या व्यक्ति को अपने अभियान के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद के स्रोत स्पष्ट रखने चाहिए। उन्होंने विदेशी फंडिंग के मामले में पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया।
कांग्रेस पर भी लगाए आरोप
जितेंद्र सिंह ने इस दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक फायदे के लिए उठा रही है।
मंत्री ने कहा कि विपक्ष अलग-अलग राज्यों में अपनी राजनीतिक स्थिति के हिसाब से चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। उन्होंने शिक्षा और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भी कांग्रेस के रवैये को लेकर सवाल किए।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी
अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका को लेकर लगाए गए विदेशी फंडिंग के आरोपों के बाद इस मामले में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, मंत्री के बयान और किसी आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अलग-अलग बातें हैं।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में कथित फंडिंग से जुड़े लेनदेन का पूरा विवरण या कोई सार्वजनिक जांच निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या दस्तावेजी सबूत हैं और संबंधित पक्ष इन दावों पर क्या जवाब देते हैं।
Satya Report Disclaimer: इस रिपोर्ट में विदेशी फंडिंग से जुड़े दावे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के बयानों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है। इन्हें जांच या दस्तावेजी प्रमाण के बिना स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।



