Nagpur Smart Toilet Drug Bust: नागपुर महानगर पालिका का एक स्मार्ट टॉयलेट ही गांजा तस्करों का सुरक्षित ठिकाना बन गया था। क्राइम ब्रांच की सामाजिक सुरक्षा शाखा ने नंदनवन झोपड़पट्टी स्थित केडीके कॉलेज मार्ग पर बने स्मार्ट टॉयलेट पर छापा मारकर मकोका के आरोपी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान कुल 66 किलो गांजा बरामद किया गया, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के सरगना की तलाश में जुटी है।

स्मार्ट टॉयलेट से 24 किलो गांजा बरामद, मकोका आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि शहर में सक्रिय गांजा तस्करों ने ओडिशा से बड़ी खेप मंगाई है और उसे स्मार्ट टॉयलेट की छत पर बने कमरे में छिपाकर रखा गया है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर दर्शन पाटिल के नेतृत्व में एपीआई शिवाजी ननावरे, पीएसआई नागेश पुन्नावाड और उनकी टीम ने छापा मारा। मौके से मकोका आरोपी नीलेश अशोक डोरसे को गिरफ्तार किया गया।
तलाशी में 28 पैकेटों में रखा 24 किलो हुआ। पूछताछ में नीलेश ने खुलासा किया कि गांजे की खेप उसके साथ सूरज उर्फ सूर्यवंशी प्रकाश उईके, मनोज भेलावे और अक्षय सूर्यवंशी ने रखवाई थी। इसके बाद नंदनवन थाने में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
कार से मिली दूसरी खेप
के दौरान पुलिस को सूरज के कलमना थाना क्षेत्र में मौजूद होने की जानकारी मिली। इसके बाद ओम साई नगर इलाके में घेराबंदी कर सूरज उईके , अब्दुल साहिल अब्दुल शफीक और एक नाबालिग को कार सहित पकड़ लिया गया। वाहन की तलाशी में 42 किलो गांजा बरामद हुआ।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूरे रैकेट का कथित सरगना अक्षय सूर्यवंशी है, जिसकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ओडिशा से नागपुर तक गांजे की सप्लाई किस नेटवर्क के जरिए की जा रही थी और शहर में इसकी आपूर्ति किनकिन लोगों तक होती थी।



