उत्तर प्रदेश में होने जा रहे राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बड़ा दांव खेल दिया है. पार्टी ने जिन दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है, उनमें राम गोपाल यादव के अलावा धनराज परिमल नथवानी भी हैं.

धनराज नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के न्यू एनर्जी कारोबार से जुड़े हैं और कंपनी के निदेशक भी हैं. इसके अलावा वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष और द्वारका देवस्थानम बोर्ड के उपाध्यक्ष के पद पर भी रहे हैं. वह झारखंड से राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी के बेटे हैं.
अचानक पार्टी ने अपना फैसला बदलते हुए आलोक रंजन के बजाय नथवानी को राज्य सभा भेजने का निर्णय ले लिया. मंगलवार को सपा कार्यालय में पार्टी विधायकों की बैठक हुई थी. बैठक से पहले चर्चा थी कि रामगोपाल यादव और आलोक रंजन के नाम की घोषणा होगी, लेकिन अखिलेश यादव का फैसला सुनकर सभी चौंक गए.
खास बात यह है कि धनराज नथवानी का नाम सामने आने से कुछ घंटे पहले तक पूर्व मुख्य सचिव और अखिलेश यादव के सलाहकार आलोक रंजन को नाम चल रहा था. आलोक रंजन के नामांकन की तैयारियां भी लगभग पूरी हो गई थीं.
पार्टी की ओर से आधिकारिक ऐलान के बाद धनराज परिमल नथवानी ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल किया. इस मौके पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव समेत पार्टी के अन्य तमाम बड़े नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे.
सपा नेता अंबिका चौधरी आलोक रंजन के लिए विधायकों के समर्थन और प्रस्तावक की तौर पर हस्ताक्षर से जुड़ी सूची तैयार कर रहे थे. तभी अचानक उन्हें रोक दिया गया. इससे पार्टी के भीतर दूसरे उम्मीदवार को लेकर अटकलें तेज हो गईं.



