
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र से पहले विधान भवन परिसर की तस्वीर अब बदलीबदली नजर आ रही है। रविवार को सर्वदलीय बैठक से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन में कई महत्वपूर्ण विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों का उद्घाटन किया। इस दौरान परिसर में आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक पहचान को भी प्रदर्शित किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन परिसर का निरीक्षण करते हुए विभिन्न नवनिर्मित और नवीनीकृत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विधानसभा की व्यवस्थाओं और वहां किए गए बदलावों को भी देखा।
विधान परिषद मंडप से लेकर पॉडकास्ट स्टूडियो तक कई काम
मुख्यमंत्री ने विधान भवन परिसर में कई महत्वपूर्ण कार्यों का शुभारंभ और उद्घाटन किया। इनमें विधान परिषद मंडप के सौंदर्यीकरण कार्य, विधान भवन के भूतल पर स्थित नवीनीकृत कॉरिडोर और विधानसभा के नवनिर्मित आधुनिक पॉडकास्ट स्टूडियो प्रमुख रहे।
नए पॉडकास्ट स्टूडियो को विधानसभा की आधुनिक संचार व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, कॉरिडोर के नवीनीकरण और विधान परिषद मंडप के सौंदर्यीकरण से विधान भवन परिसर को नया स्वरूप दिया गया है।
हेलीकॉप्टर जैसे मॉडल में देखी यूपी की आध्यात्मिक विरासत
विधान भवन परिसर के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशेष हेलीकॉप्टर जैसे मॉडल के अंदर बैठकर उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत की झलक देखी।
इस मॉडल में प्रदेश की समृद्ध विरासत और धार्मिक स्थलों से जुड़ी तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया था। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाने वाली डिजिटल प्रस्तुति का भी अवलोकन किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री सदन के भीतर पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
सतीश महाना ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत
विधान भवन पहुंचने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, मंत्री ओमप्रकाश राजभर और विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह समेत कई अन्य गणमान्य नेता मौजूद रहे।
विधान भवन में किए गए इन बदलावों को आधुनिक तकनीक, बेहतर सुविधाओं और प्रदेश की विरासत को एक साथ प्रदर्शित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
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