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UP Police AI Traffic System: प्रयागराज बना प्रदेश का सबसे बेहतर मॉडल, एआई तकनीक से बदली यातायात व्यवस्था

Prayagraj AI Traffic System: उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रियल टाइम डेटा विश्लेषण के उपयोग से यातायात प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से लागू की गई रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

UP Police AI Traffic System: प्रयागराज बना प्रदेश का सबसे बेहतर मॉडल, एआई तकनीक से बदली यातायात व्यवस्था
UP Police AI Traffic System: प्रयागराज बना प्रदेश का सबसे बेहतर मॉडल, एआई तकनीक से बदली यातायात व्यवस्था

मार्च से 15 जुलाई तक किए गए विश्लेषण के अनुसार प्रदेश के सात पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की स्थिति में कमी आई है, जिसमें प्रयागराज ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है।

प्रयागराज में यातायात जाम की स्थिति में 44.92 प्रतिशत की कमी दर्ज

आंकड़ों के मुताबिक प्रयागराज में यातायात जाम की स्थिति में 44.92 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद गाजियाबाद में 43.15 प्रतिशत और अन्य शहरों में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया। योजना के तहत प्रमुख मार्गों की निरंतर निगरानी और डेटा आधारित निर्णयों ने यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया है। पुलिस का दावा है कि इससे आम लोगों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम और समयबद्ध हुई है।

रियल टाइम ट्रैफिक विश्लेषण प्रणाली

आरटीसी यूपी पुलिस द्वारा विकसित देश की अपनी तरह की पहली एआईसक्षम, गूगल आधारित रियल टाइम ट्रैफिक विश्लेषण प्रणाली है। इस तकनीक के माध्यम से हर दो घंटे में ट्रैफिक डेटा का स्वतः विश्लेषण किया जाता है। प्रत्येक चिन्हित मार्ग के लिए सामान्य परिस्थितियों में औसत यात्रा समय निर्धारित किया गया है। जैसे ही किसी मार्ग पर यात्रा अवधि सामान्य समय से अधिक होती है, एआई प्लेटफॉर्म उस मार्ग को रेड फ्लैग कर देता है और संबंधित पुलिस टीम को तुरंत अलर्ट भेजा जाता है।

डेटा के आधार पर की जा रही अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाई

इसके बाद पुलिस और मौके पर सक्रिय होकर यातायात को सामान्य बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाते हैं। योजना के अंतर्गत जाम वाले बिंदुओं की मैपिंग, रूट मार्शलों की तैनाती, प्रत्येक मार्ग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति, इंजीनियरिंग सुधार, प्रवर्तन अभियान तथा अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाई डेटा के आधार पर की जा रही है।

प्रदूषण स्तर पर भी पड़ा सकारात्मक प्रभाव

पुलिस मुख्यालय के अनुसार इस मॉडल से नागरिकों के यात्रा समय में कमी आई है, ईंधन की बचत हुई है और प्रदूषण स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। साथ ही सड़क सुरक्षा में भी सुधार देखने को मिला है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयागराज सहित जिन शहरों में यह मॉडल सफल रहा है, वहां के अनुभवों के आधार पर अब इस एआई आधारित प्रणाली का चरणबद्ध विस्तार प्रदेश के अन्य शहरों में भी किया जाएगा। इससे भविष्य में और अधिक आधुनिक, प्रभावी तथा नागरिक हितैषी बनने की उम्मीद है।

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