
मेरठ: सरधना इलाके में खेत से मिले महिला के शव की पहचान शीबा के रूप में होने के बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, शीबा के संबंध शादीशुदा सादिक से थे और दोनों लिवइन में रह रहे थे। सादिक की पहली पत्नी से पांच बेटियां थीं और पुलिस का दावा है कि बेटे की चाहत में उसने शीबा को अपने साथ रखा था। करीब एक साल पहले शीबा ने बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद कथित तौर पर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
खेत में मिला था महिला का क्षत-विक्षत शव
20 अगस्त को सरधना थाना क्षेत्र के एक खेत में महिला का शव बरामद हुआ था। महिला के चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे और उसकी पहचान करना मुश्किल था।
पुलिस ने शव की पहचान के लिए जांच शुरू की। अगले दिन सोशल मीडिया पर अज्ञात महिला के शव की तस्वीर सामने आने के बाद शीबा के परिजन थाने पहुंचे। मोर्चरी में पहचान की प्रक्रिया के बाद शव शीबा का होने की पुष्टि हुई।
शादीशुदा होने के बावजूद सादिक के साथ रहने लगी थी शीबा
पुलिस के मुताबिक, शीबा की शादी 2019 में शाहरुख नाम के व्यक्ति से हुई थी। उसके दो बच्चे भी थे। शाहरुख गाजियाबाद की एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था।
इसी दौरान शीबा की नजदीकियां सादिक से बढ़ गईं। पुलिस का कहना है कि इसके बाद दोनों साथ रहने लगे। सादिक पहले से शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी से पांच बेटियां थीं।
बेटे की चाहत में शीबा को साथ रखने का दावा
पुलिस की जांच के मुताबिक, शुरुआत में सादिक के परिवार ने शीबा को स्वीकार नहीं किया था। इसके बाद सादिक कुछ समय के लिए परिवार से अलग रहने लगा।
पुलिस का दावा है कि बाद में सादिक ने परिवार को बताया कि उसकी कोई संतान नहीं है और वह बेटे की चाहत में शीबा को अपने साथ रख रहा है। इसके बाद परिवार ने शीबा को स्वीकार कर लिया।
करीब एक साल पहले शीबा ने एक बेटे को जन्म दिया।
बेटा होने के बाद बदल गया सबकुछ
पुलिस के मुताबिक, बेटे के जन्म के बाद शीबा को लेकर परिवार का रवैया बदल गया। आरोप है कि सादिक, उसकी पहली पत्नी आशिया, मां वसीरा और दोनों भाई आबिद व शादाब ने मिलकर शीबा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
शीबा के भाई की शिकायत पर पुलिस ने सादिक समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।
देहरादून घुमाने के बहाने कार में बैठाया
जांच में पुलिस को पता चला कि 19 अगस्त को शीबा को देहरादून घूमने के बहाने कार में बैठाया गया था। आरोप है कि रास्ते में ही कार के अंदर उसकी हत्या कर दी गई।
इसके बाद शव को मेरठ के सरधना रोड के पास एक खेत में ले जाकर फेंक दिया गया। पुलिस के मुताबिक, पहचान छिपाने के लिए शीबा के चेहरे पर ईंट से कई बार वार किए गए।
मौत से पहले परिवार को किया था फोन
शीबा के परिजनों के अनुसार, 19 अगस्त को उसने फोन करके बताया था कि सादिक और उसके परिवार के लोग उसे गाड़ी में लेकर जा रहे हैं। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया।
अगले दिन खेत में अज्ञात महिला का शव मिलने के बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में शव की पहचान शीबा के रूप में हुई।
पुलिस का दावा- गला दबाकर की गई हत्या
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में हत्याकांड से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि शीबा की हत्या गला दबाकर की गई और इसके बाद पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे पर ईंट से हमला किया गया।
पुलिस ने मामले में सादिक और उसके परिवार के सदस्यों की भूमिका की जांच की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में जुटी है। इस मामले में पुलिस के दावों की पुष्टि आगे की जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।



