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‘विदेश यात्रा पर टैक्स की तैयारी कर रही सरकार’, दावे पर आया PM मोदी का बयान, क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विदेशी यात्रा पर टैक्स, सेस या सरचार्ज लगाए जाने की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं इन खबरों में जरा भी सच्चाई नहीं है और ये सरासर झूठी खबरहै. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का विदेशी यात्राओं पर किसी तरह की पाबंदी लगाने का कोई इरादा नहीं है.

‘विदेश यात्रा पर टैक्स की तैयारी कर रही सरकार’, दावे पर आया PM मोदी का बयान, क्या कहा?
‘विदेश यात्रा पर टैक्स की तैयारी कर रही सरकार’, दावे पर आया PM मोदी का बयान, क्या कहा?

पीएम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि इस खबर में जरा भी सच्चाई नहीं है और सरकार का विदेशी यात्राओं पर किसी तरह की पाबंदी लगाने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा ‘इसमें जरा भी सच्चाई नहीं. विदेशी यात्रा पर इस तरह के प्रतिबंध लगाने का कोई सवाल ही नहीं है.हम अपने लोगों के लिए ‘व्यापार करने में आसानी’ और ‘जीवन जीने में आसानी’ को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. यह सरासर झूठ है’.

This is totally false.

Not an iota of truth in this.

There is no question of putting such restrictions on foreign travel.

We remain committed to improving Ease of Doing Business and Ease of Living for our people. https://t.co/9lxjbxz0nV

— Narendra Modi May 15, 2026

मीडिया रिपोर्ट में दावा

दरअसल एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि केंद्र सरकार विदेशी यात्रा पर टैक्स, सेस या सरचार्ज लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उससे बढ़े आर्थिक दबाव से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा था.

रिपोर्ट में कहा गया था कि यह सरचार्ज अस्थायी तौर पर एक साल के लिए लागू हो सकता है और इससे मिलने वाला पैसा सीधे केंद्र सरकार के पास जाएगा. दावा यह भी था कि बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और आयात लागत के असर को कम करने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है.

पीएम ने की थी अपील

यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करके, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचकर और गैरजरूरी सोने की खरीदारी से परहेज करके पेट्रोल, डीजल और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने में मदद करने की सलाह देने के कुछ दिनों बाद आई है.

10 मई को पीएम मोदी ने कहा था कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता पेट्रोल, गैस, डीजल और इसी तरह के संसाधनों का संयमपूर्वक उपयोग करना है. हमें आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार ही करना चाहिए. इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा.

तेलंगाना में एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था ति देशभक्ति का मतलब सिर्फ सीमा पर अपनी जान कुर्बान करने की तत्परता नहीं है. इन दिनों देशभक्ति का मतलब जिम्मेदारी से जीना और अपने दैनिक जीवन में राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह करना है.

पश्चिम एशिया में तनाव

पीएम की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ गया है. अमेरिका और ईरान क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने वाले शांति समझौते पर पहुंचने में विफल रहे हैं. यह संघर्ष, जो फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान को निशाना बनाकर शुरू किए गए संयुक्त अभियान के बाद शुरू हुआ था, ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को हिलाकर रख दिया है और विमानन क्षेत्र को अनिश्चितता की स्थिति में डाल दिया है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिकाईरान के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है. फरवरी के आखिर में शुरू हुए संघर्ष के बाद कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया.रिपोर्ट्स के अनुसार जेट फ्यूल की कीमतें 8590 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 150200 डॉलर तक पहुंच गईं, जिससे एविएशन सेक्टर पर भारी दबाव पड़ा है.

भारत में भी एयरलाइन कंपनियों ने सरकार से राहत की मांग की है. एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने ATF कीमतों पर सहायता देने की अपील की है.

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