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Brain Freeze क्या है? आइसक्रीम खाने के बाद सिरदर्द की असली वजह जानिए..

Brain Freeze क्या है? आइसक्रीम खाने के बाद सिरदर्द की असली वजह जानिए..

गर्मियों के मौसम में ठंडी चीजों को खाने का अपना सुकून है। गर्मी से राहत पाने के लिए बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई आइसक्रीम, फालूदा और कोल्ड्रिंक्स का का लुत्फ उठाते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि ठंडी चीज खाते ही सिर में अचानक से दर्द उठता है। Dr कुमार कहते हैं कि इस स्थिति को आम बोलचाल में आइसक्रीम हेडेक या ब्रेन फ्रीज कहते हैं। हालांकि यह स्थिति चिंताजनक नहीं होती, लेकिन ऐसा क्यों होता है चलिए जानते हैं?

आइसक्रीम खाने पर क्यों दर्द होता है सिर?

जब कोई भी ठंडी चीज जैसी आइसक्रीम, फालूदा या कोल्ड ड्रिंक खाते या पीते हैं, तो हमारे तालू और गले के पीछे का हिस्सा टॉन्सिल ठंडा हो जाता है। जब शरीर में यह बदलाव होता है और दिमाग तक बात पहुंचती है तो वहां की नसें फौरन सिकुड़ती हैं और फिर फैल जाती हैं। दिमाग की नसों में जो अचनाक से बदलाव होता है इस वजह से कई बार ब्रेन फ्रिज हो जाता है जिस वजह से दर्द की समस्या बढ़ जाती है।

ट्राइजेमिनल नर्व है ज़िम्मेदार

बता दें, आइसक्रीम खाने के दौरान जो तंत्रिका चेहरे और सिर से जुड़ी संवेदनाओं को दिमाग तक पहुंचाने का काम करती है उसका नाम है ट्राइजेमिनल नर्व। दरअसल, जब तालु का हिसस बहुत ज़्यादा ठंडा होता है तब यह तंत्रिका उत्तेजित हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क दर्द के संकेतों को सिरदर्द के रूप में महसूस करता है। यही कारण है कि ठंडी चीज खाने के कुछ ही क्षणों बाद सिर में अचानक दर्द महसूस हो सकता है।

माइग्रेन के पीड़ितों में भी हो सकती है ये परेशानी

माइग्रेन से पीड़ित लोगों में आइसक्रीम हेडेक होने की संभावना ज़्यादा होती है। उनकी नसें और तंत्रिकाएं तापमान में होने वाले बदलावों के प्रति अधिक सेंसिटिव होती हैं। हालांकि, बता दें, आइसक्रीम हेडेक और माइग्रेन अलग-अलग स्थितियां हैं। आइसक्रीम हेडेक कुछ ही मिनटों तक रहता है, जबकि माइग्रेन का दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है।

अच्छी बात यह है कि यह सिरदर्द आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है और किसी विशेष उपचार की आवश्यकता नहीं होती। यदि दर्द महसूस हो, तो जीभ को मुंह की छत से लगाना या सामान्य तापमान की सांस लेना उस हिस्से को गर्म करने में मदद कर सकता है। इससे दर्द जल्दी कम हो सकता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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