Railway Facts : आपने ट्रेन से सफर के दौरान रेलवे जुड़ी कई ऐसी सामग्रियां देखी होंगी जो कि काफी आम होती हैं। आज हम आपको रेलवे से जुड़ा ऐसा ही एक रोचक तथ्य बताने वाले हैं।

रेलवे ट्रैक के बारे में जानें
बता दें कि, लाइन पर बिछाई गई पटरी की संरचना को रेलवे ट्रैक कहते हैं। यह स्थायी मार्ग भी कहलाता है। ट्रैक में दो समानांतर स्टील की पटरियां, स्लीपर, फास्टनिंग्स, बैलास्ट (पत्थर की परत), नीचे की फॉर्मेशन शामिल होते हैं। ट्रैक ट्रेन के वजन को सहन करता है और सुचारू गति प्रदान करता है। बता दें कि, भारतीय रेलवे में ट्रैक लेंथ रूट लेंथ से ज्यादा होती है क्योंकि डबल या मल्टीपल ट्रैक वाली लाइनों में ट्रैक की कुल लंबाई दोगुनी या अधिक हो जाती है।
रेलवे लाइन के बारे में जानें
गौरतलब है कि, दो स्थानों के बीच की निर्धारित रूट या मार्ग को रेलवे लाइन कहते हैं। यह भौगोलिक दूरी और कनेक्टिविटी पर आधारित होती है। उदाहरणार्थ दिल्ली से कानपुर के बीच की रेलवे लाइन तय की जाती है। इसमें स्टेशन, सिग्नलिंग सिस्टम, ओवरब्रिज, अंडरपास और कुल रूट की लंबाई शामिल होती है। भारतीय रेलवे में रूट लेंथ को ही रेलवे लाइन कहा जाता है।
भारत की सबसे बड़ी रेलवे लाइन कौन सी है
भारतीय रेलवे नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में शामिल है, लेकिन जब सबसे लंबी रेलवे लाइन (रूट) की बात आती है तो डिब्रूगढ़ (असम) से कन्याकुमारी (तमिलनाडु) वाली रेलवे लाइन सबसे बड़ी मानी जाती है। इस मार्ग पर विवेक एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22503/22504) चलती है, जो भारत की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली यात्री ट्रेन है। यह रेलवे लाइन लगभग 4,154 से 4,286 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यात्रा को पूरा करने में करीब 74 से 82 घंटे (लगभग 3 से 4 दिन) का समय लगता है। इस मार्ग पर ट्रेन 57 से 59 स्टेशनों पर रुकती है और 8 से 9 राज्यों से होकर गुजरती है, जिनमें असम, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है



