नई दिल्ली : मशहूर कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से एक बहुत बड़ा झटका लगा है। चर्चित ‘इंडिया गॉट लेटेंट’ विवाद मामले में अदालत के निर्देशों का सीधा उल्लंघन करने पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए समय रैना पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। कोर्ट ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि रैना ने अदालत को घुमा रखा है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उनके रवैये पर गहरी चिंता जताते हुए टिप्पणी की कि पता नहीं वह किस तरह के यूथ आइकन हैं और यह बात सच में चिंताजनक है।

CJI की बेंच ने दिखाई सख्ती
इस पूरे मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि जुर्माने की यह राशि दो सप्ताह के भीतर हर हाल में जमा कराई जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि कोर्ट के पूर्व आदेश के बावजूद समय रैना ने न तो एसएमए फाउंडेशन से कोई संपर्क किया और न ही इस गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों से मिले, जबकि वह बेधड़क अपने कॉमेडी शो कर रहे हैं।
कोर्ट ने पूछा अपने आचरण में क्या सुधार किया?
अदालत ने सुनवाई के दौरान समय रैना और अन्य कॉमेडियनों से सीधा सवाल किया कि उन्होंने अपने आचरण में सुधार लाने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं। इसी बीच सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने समय रैना की हालिया टिप्पणियों और उनके विवादित आचरण का मुद्दा भी कोर्ट के सामने उठाया। इस पर पीठ ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह सोचकर ही चिंता होती है कि वह किस तरह के यूथ आइकन हैं। सॉलिसिटर जनरल ने भी इस बात पर जोर देते हुए कहा कि हमारे देश के युवाओं के पास इनसे कहीं बेहतर आदर्श मौजूद हैं। बता दें कि अदालत ने शुरुआत में समय रैना पर 10 लाख रुपये का भारीभरकम जुर्माना लगाया था, लेकिन उनके वकील की लगातार मांग और अनुरोध के बाद इसे घटाकर 3 लाख रुपये तय किया गया।



