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जिसका पाकिस्तान को डर था, रूस ने भारत के लिए वही कर डाला!

भारत के आसमान के इस बॉडीगार्ड ने ऑपरेशन संदूर में पाकिस्तान को धूल चटा दी थी। बॉर्डर पार से पाकिस्तान का एक ड्रोन घुस नहीं पाया था। S400 सुदर्शन चक्र ने मुनीर की ड्रोन वाली साजिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया था।  अब इसी एयर डिफेंस सिस्टम का चौथा सेट रूस ने भारत भेज दिया है और पाकिस्तान के पसीने छूट गए हैं। रूस पहले ही S400 के तीन स्क्वाड्रन 2 साल पहले भारत को पहुंचा चुका है। जबकि बाकी दो स्क्वाड्रन रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते देर से आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि S400 एयर डिफेंस सिस्टम का पांचवा स्क्वाड्रन अगले कुछ महीनों में भारत पहुंचने की उम्मीद है। डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल यानी डीएसी ने S400 के पांच और स्क्वाडों की खरीद को पहले ही मंजूरी दे दी है। बताया जा रहा है कि चौथे S400 को उत्तरी क्षेत्र में तैनात किया जाना था। लेकिन बदले सुरक्षा हालात के बीच इसकी तैनाती पश्चिमी मोर्चे पर किए जाने की चर्चा है। 

जिसका पाकिस्तान को डर था, रूस ने भारत के लिए वही कर डाला!
जिसका पाकिस्तान को डर था, रूस ने भारत के लिए वही कर डाला!
रक्षा अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान सीमा से जुड़े कुछ इलाकों में अतिरिक्त एयर डिफेंस कवरेज की जरूरत है। अगर ऐसा होता है तो पश्चिमी क्षेत्र में भारत का हवाई सुरक्षा कवच और मजबूत हो जाएगा। S400 सुदर्शन इतना खास क्यों है? यह भी जान लीजिए। S400 रूस का बनाया गया एक अत्याधुनिक लंबी दूरी का एयर डिफेंस सिस्टम है। भारत में इसे सुदर्शन नाम दिया गया है। यह लड़ाकू विमान ड्रोन क्रूज मिसाइल, बैलस्टिक मिसाइल और कुछ स्टिल्थ लक्ष्यों को भी निशाना बना सकता है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी लंबी दूरी और तेज प्रतिक्रिया क्षमता है। यह दुनिया का सबसे आधुनिक और खतरनाक एयर डिफेंस सिस्टम माना जाता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस डिफेंस सिस्टम ने 350 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी से एक पाकिस्तानी विमान को मार गिराया था। इसका मतलब है कि दुश्मन का विमान अपने देश की सीमा के अंदर ही होगा। तभी यह भारत में बैठेबैठे उसे वहीं ढेर कर सकता है। यह डिफेंस सिस्टम एक साथ दर्जनों दुश्मनों पर नजर रख सकता है। उन पर मिसाइलें दाग सकता है।

विदेशी एयर डिफेंस के साथसाथ भारत अपने स्वदेशी प्रोजेक्ट कुशा पर भी तेजी से काम कर रहा है। ताकि वैश्विक स्तर पर इंटरसेप्शन क्षमता को विकसित किया जा सके। इस प्रोजेक्ट के निर्माण और विकास में सोलर इंडस्ट्रीज जैसी रक्षा क्षेत्र की कंपनियां अपना योगदान दे रही है। हमारा मुख्य उद्देश्य भारत की हवाई सुरक्षा को आत्मनिर्भर बनाना और भविष्य के किसी भी खतरे से निपटने के लिए अभैद्य मिसाइल शील्ड तैयार करना है। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने भी सुरक्षा को पूरी तरह अचूक बनाने के विज़न की बात कही थी। पीएम ने ऐलान किया था कि देश का सुरक्षा चक्र भारत पर दुश्मन के हर हमले को नाकाम करेगा और 10 गुना ज्यादा ताकत से पलटवार करेगा। पीएम के मुताबिक भारत का मॉडर्न एयर डिफेंस सिस्टम इतना मजबूत और अभेद्य होगा कि दुश्मन के ड्रोन, मिसाइल या कोई भी अत्याधुनिक हथियार इसे भेद नहीं पाएंगे। 

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