जहरीली हवा ने सांसों पर संकट पैदा कर दिया है. यही वजह है कि लोगों को हिदायत दी जा रही है कि जितना हो सके घर में रहें. ऐसे में सुबह और शाम टहलने पार्क जाने वाले लोगों के मन में सवाल है कि क्या इस जहरीली हवा में सैर करना सुरक्षित है? क्या रोजाना की सैर जारी रखनी चाहिए या कुछ दिनों के लिए इसे रोक देना बेहतर होगा.

आपको बता दें कि 400 एक्यूआई होना मतलब हवा के गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है. इस स्तर पर हवा में मौजूद प्रदूषण कान सांस के जरिए शरीर के अंदर पहुंचकर हृदय और फेफड़ों पर गंभीर असर डाल सकते हैं. तो ऐसे में मॉर्निंग वॉक, जॉगिंग और साइकलिंग जैसी गतिविधियों से बचना चाहिए.
पॉल्यूशन में सैर करने से होने वाली दिक्कतें डॉ. प्रशांत सक्सेना एवं क्रिटिकल केयर, स्लीप मेडिसिन, एलर्जी और लंग ट्रांसप्लांटेशन, आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम) कहते हैं कि प्रदूषण के कारण खांसी, गले में घरघराहट, सांस फूलना और गले में जलन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.
ये लोग रहे खास तौर पर सावधान बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं या फिर जिनका पहले से ही सांस या दिल की बीमारी है, ऐसे लोगों को इस दौरान सावधानी बरतनी चाहिए. स्वस्थ व्यक्ति को भी गंभीर प्रदूषण में आउटडोर वर्कआउट नहीं करना चाहिए.
धमनियों को नुकसान डॉक्टर कहते हैं कि पीएम 2.5 जैसे छोटे कण फेफड़ों के अंदर तक पहुंच सकते हैं और सूजन बढ़ा सकते हैं. वायु प्रदूषण से धमनियों पर असर पड़ सकता है. धमनियां संकरी हो सकती है, जिससे बीपी और अटैक का खतरा बढ़ सकता है.
आंखों में जलनखुजली डॉक्टर प्रशांत सक्सेना के मुताबिक प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से आंखों में खुजली, जलन की समस्या हो सकती है. इसके अलावा चेहरे और स्क्रीन पर भी गहरा असर पड़ता है.
इस माहौल में एक्सरसाइज कैसे करें घर के अंदर ही वॉक करें. योग, स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं. प्रदूषण का स्तर चेक कर के ही घर से बाहर निकलें और हमेशा N 95 मास्क पहन कर हो बाहर निकलें.



