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​35 की उम्र हो या 45 की, ब्रेस्ट कैंसर के इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

अक्टूबर के महीने को ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है. ब्रेस्ट में कैंसर होने को लेकर आज भी भारत में महिलाओं में अहम जानकारियों की कमी देखी जाती है. अधिकतर महिलाएं कई लक्षण या संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं और बाद में ये बीमारी गंभीर रूप ले लेती है. अगर समय रहते पता लग जाए को काफी हद तक कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात दी जा सकती है. महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक करने के लिए 1 से 31 अक्टूबर के बीच ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ मनाया जाता है.

​35 की उम्र हो या 45 की, ब्रेस्ट कैंसर के इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

ये महीना महिलाओं को ये बताने का है कि ब्रेस्ट में होने वाले कैंसर के प्रति हर जानकारी हमारे पास होनी चाहिए. ज्यादातर महिलाएं किन वार्निंग सांइस को नजरअंदाज कर देती हैं ये हम आपको इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं. जानें…

एक्सपर्ट ने क्या कहा?

3545 की उम्र में ब्रेस्ट में होने वाली गांठ या बदलाव को कई महिलाएं हार्मोनल चेंज या पीरियड्स से जोड़कर नजरअंदाज कर देती हैं. लेकिन कम उम्र होने का मतलब ब्रेस्ट कैंसर का खतरा जीरो होना नहीं है. डॉ. रुचि भंडारी का कहना है कि ब्रेस्ट या अंडरआर्म में नई गांठ, ब्रेस्ट के आकार या स्किन में बदलाव, निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना या असामान्य डिस्चार्ज जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

इस बात का रखें खास ध्यान

हर महिला को महीने में एक बार स्वयं स्तन की जांच करने की आदत डालनी चाहिए, ताकि अपने ब्रेस्ट में होने वाले किसी नए या असामान्य बदलाव को समय रहते पहचाना जा सके. हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन हर नए और असामान्य बदलाव का कारण जानना जरूरी है.

इस उम्र में महिलाएं अक्सर परिवार और काम की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को टाल देती हैं. एक्सपर्ट कहती हैं कि घबराएं नहीं, लेकिन बदलाव को नजरअंदाज भी न करें. कोई नया बदलाव महसूस हो तो समय पर डॉक्टर से सलाह लें. ब्रेस्ट अवेयरनेस का मतलब डरना नहीं, अपने शरीर में होने वाले बदलावों को पहचानना और समय पर कदम उठाना है.

ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए क्या खाएं?

2025 की वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड रिपोर्ट में किसी एक सुपरफूड के बजाय पूरे खानपान और जीवनशैली के पैटर्न पर जोर दिया गया है. इसमें फलसब्जियां, फाइबर वाले खाद्य पदार्थ, स्वस्थ वजन और शारीरिक गतिविधि शामिल हैं. कुछ रिसर्च में पाया गया है कि कुछ खाने की चीजें ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है.

बिना स्टार्च वाली सब्जियां जैसे ब्रोकोली, पालक और शिमला को खाना बेस्ट है. इसके अलावा जिनमें कैरोटीनॉयड होता है और इनमें गाजर, शकरकंद और हरी पत्तेदार सब्जियों का नाम शामिल है.

कैल्शियम से भरपूर चीजें जरूरी खानी चाहिए. ऐसा कहा नहीं जा सकता कि इन चीजों को खाने से ब्रेस्ट कैंसर से बचा जा सकता है. पर इन्हें खाने से ओवरऑल हेल्थ को फायदा मिलता है.

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है और इसका उद्देश्य सिर्फ सामान्य जानकारी प्रदान करना है. टीवी9 हिंदी लेख में शामिल जानकारी की पुष्टि नहीं करता. इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें और स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श करें.

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