
मुंबई: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके प्रशंसकों के बीच उनकी निजी जिंदगी और परिवार को लेकर भी चर्चा हो रही है। नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक तक सिनेमा में अपनी खास पहचान बनाई। अभिनय के साथ-साथ वह सामाजिक कार्यों को लेकर भी सक्रिय रहे। उनकी पारिवारिक जिंदगी की बात करें तो उन्होंने 1978 में नीलकांति पाटेकर से शादी की थी, लेकिन बाद में दोनों अलग रहने लगे थे।
1978 में नीलकांति से हुई थी शादी
नाना पाटेकर ने वर्ष 1978 में नीलकांति पाटेकर से विवाह किया था। दोनों की शादीशुदा जिंदगी लंबे समय तक रही, लेकिन बाद में दोनों अलग रहने लगे। हालांकि, उन्होंने अपने निजी रिश्ते को लेकर सार्वजनिक तौर पर ज्यादा चर्चा नहीं की।
नाना पाटेकर के पिता गजानंद पाटेकर थे, जो टेक्सटाइल कारोबार से जुड़े थे। उनका शुरुआती जीवन महाराष्ट्र में एक सामान्य परिवार के बीच बीता। उनकी मां निर्मला पाटेकर थीं, जिनका जनवरी 2019 में 99 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।
परिवार में कौन-कौन?
नाना पाटेकर के परिवार में पत्नी नीलकांति पाटेकर और बेटे मल्हार पाटेकर का नाम प्रमुख रूप से सामने आता है। मल्हार फिल्म निर्देशन और निर्माण से जुड़े रहे हैं।
नाना पाटेकर के एक अन्य बेटे दुर्वासा का बेहद कम उम्र में निधन हो गया था। बताया जाता है कि जन्म के करीब ढाई वर्ष बाद बीमारी के कारण उनकी मौत हो गई थी। इस घटना ने परिवार को गहरा सदमा दिया था।
नाना के दो भाइयों के नाम अशोक पाटेकर और दिलीप पाटेकर बताए जाते हैं।
नाना पाटेकर का सामाजिक कार्यों से भी रहा जुड़ाव
नाना पाटेकर केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में किसानों और सूखा प्रभावित परिवारों की मदद के लिए उन्होंने मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए कई काम किए।
जल संरक्षण, वॉटरशेड मैनेजमेंट और आर्थिक रूप से परेशान किसान परिवारों की सहायता जैसे क्षेत्रों में उनके योगदान को याद किया जाता है। किसानों के परिवारों की मदद के लिए किए गए उनके प्रयासों की कई बार सराहना भी हुई।
एक अभिनेता के तौर पर नाना पाटेकर ने अपनी अलग पहचान बनाई, वहीं सामाजिक कार्यों के जरिए भी उन्होंने लोगों के बीच अपनी एक अलग छवि कायम की। उनके निधन के बाद उनके अभिनय के साथ-साथ समाजसेवा से जुड़े उनके योगदान को भी याद किया जा रहा है।



