Satya Report: अप्रैल का महीना आगे बढ़ते जाने के साथ ही सूरज की तपिश अब जानलेवा साबित हो रही है. उत्तर से लेकर दक्षिण भारत के इलाकों तक पारा 40 डिग्री के पार जा रहा है. लोग तरह-तरह के उपाय खोज रहे हैं. प्रशासन भी नए तौर-तरीके तलाश रहा है. इसी के तहत कुछ शहरों में ट्रैफिक लाइट सिग्नल बंद किए जा रहे हैं. गर्मी के असर से बचाने के लिए ऐसा क्यों किया जा रहा है?

भारत में बढ़ती गर्मी अपना असर दिखा रही है. देश के कई हिस्से ऐसे हैं, जहां अप्रैल का महीना आगे बढ़ते जाने के साथ ही सूरज की तपिश अब जानलेवा साबित हो रही है. उत्तर से लेकर दक्षिण भारत के इलाकों तक पारा 40 डिग्री के पार जा रहा है. लोग तरह-तरह के उपाय खोज रहे हैं. प्रशासन भी नए तौर-तरीके तलाश रहा है. इसी के तहत कुछ शहरों में ट्रैफिक लाइट सिग्नल बंद किए जा रहे हैं. गर्मी के असर से बचाने के लिए ऐसा क्यों किया जा रहा है? आइए समझते हैं जरूरी बात.
देश के मध्य हिस्सों में गर्मी का असर भीषण रूप लेता जा रहा है. विदर्भ में तापमान लगातार 42°C के पार जा रहा है, जबकि महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में यह 45°C तक पहुंच चुका है. इस भीषण गर्मी से नागरिकों को बचाने के लिए गोंदिया जिला प्रशासन ने एक अनोखा और बड़ा कदम उठाया है. शहर के प्रमुख ट्रैफिक सिग्नलों को दोपहर के सबसे गर्म समय, यानी दोपहर के 12:30 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है.


