सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘सॉल्ट वॉटर फ्लश’ या सुबह खाली पेट नमक का पानी पीने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। कोई इसे डिटॉक्स के लिए बेहतर बता रहा है तो कोई पाचन के लिए। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं जिनमें ये दावा किया जा रहा है कि ये पानी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है और गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाव करता है। माना जा रहा है कि इस पानी को पीने से पाचन को सपोर्ट मिलती है और मांसपेशियों की थकान कम करने में मदद मिलती है। नमक वाला पानी शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन क्या हर दिन हर गिलास पानी में नमक मिलाकर पीना सही है? क्या यह हर किसी के लिए ये पानी सुरक्षित है? हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की समस्या वाले मरीज इस ट्रेंड को फॉलो कर सकते हैं? आइए नमक के पानी के सेवन पर डॉक्टर से करते हैं बात।

नमक का पानी पीना क्या सुरक्षित है?
जुपिटर हॉस्पिटल, ठाणे में डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन में Amit Saraf ने बताया कि आपका रोज का खाना ही शरीर की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त सोडियम दे देता है। हर गिलास पानी में अतिरिक्त नमक मिलाने से बॉडी में सोडियम की मात्रा जरूरत से कहीं ज्यादा हो सकती है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, शरीर में पानी रुकना और लंबे समय में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
किन परिस्थितियों में नमक के पानी का करें सेवन
डॉ. सराफ के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इलेक्ट्रोलाइट हैक्स की वजह से यह ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। एक्सपर्ट ने बताया नमक वाला पानी कुछ खास परिस्थितियों में मददगार हो सकता है, जैसे बहुत ज्यादा पसीना आने, लंबे वर्कआउट, उल्टी, दस्त या ज्यादा गर्मी के कारण शरीर में सोडियम की कमी होने पर। लेकिन इसे रोज की आदत बना लेना जरूरी नहीं है और यह नुकसानदायक भी हो सकता है।
किन लोगों को यह ट्रेंड बिल्कुल नहीं अपनाना चाहिए?
डॉक्टर ने बताया इस पानी का सेवन हर किसी को नहीं करना चाहिए। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, किडनी की बीमारी, शरीर में सूजन या पानी रुकने की समस्या और थायराइड से जुड़ी परेशानी है उन्हें नमक के पानी वाले इस ट्रेंड को बिल्कुल नहीं अपनाना चाहिए। डॉ. सराफ ने कहा किडनी प्रॉब्लम वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना पानी में अतिरिक्त नमक बिल्कुल नहीं मिलाना चाहिए। उनका शरीर सोडियम के प्रति ज्यादा संवेदनशील होता है।
किन परिस्थितियों में पानी में नमक मिलाना ठीक होता है?
डॉ. सराफ ने बताया बहुत सीमित परिस्थितियों में पानी में नमक का सेवन करना ठीक रहता है जैसे बीमारी के कारण डिहाइड्रेशन या लंबे समय तक गर्मी में रहने से शरीर को इलेक्ट्रोलाइट्स, खासकर सोडियम की जरूरत होती है। लेकिन ऐसी स्थिति में भी घर पर अंदाजे से नमक मिलाने की बजाय ORS या मेडिकल तरीके से तैयार इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स ज्यादा सुरक्षित और बेहतर विकल्प हैं।
गर्मियों में किन लोगों के लिए हो सकता है उपयोगी?
CK बिड़ला हॉस्पिटल, दिल्ली में क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट Deepali Sharma के अनुसार, गर्मियों या उमस भरे मौसम में जब शरीर से ज्यादा पानी निकलता है, तब यह तरीका कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है। एक्सपर्ट ने बताया यह उन लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकता है जो पर्याप्त पानी नहीं पीते या बहुत ज्यादा शारीरिक गतिविधि करते हैं। लेकिन याद रखें कि मात्रा बहुत कम होनी चाहिए, सिर्फ एक चुटकी, चम्मच भर नहीं। साथ ही दिनभर सामान्य साफ पानी भी पर्याप्त मात्रा में पीना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि किडनी रोग, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी वाले लोग और बुजुर्ग बिना डॉक्टर की सलाह के नमक के पानी का सेवन नहीं करें।
नमक वाला पानी पीने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
- अगर आपको ब्लड प्रेशर या किडनी से जुड़ी समस्या है, तो अतिरिक्त सोडियम लेने से बचें।
- ज्यादा नमक का मतलब बेहतर हाइड्रेशन नहीं बल्कि डिहाइड्रेशन हो सकता है। बहुत ज्यादा सोडियम लेने से प्यास और बढ़ सकती है।
- प्राकृतिक हाइड्रेशन पर भरोसा करें। सादा पानी, नारियल पानी, छाछ, तरबूज और जरूरत पड़ने पर ORS ज्यादा बेहतर और सुरक्षित विकल्प हैं।
- सोशल मीडिया ट्रेंड्स को आंख बंद करके फॉलो न करें। डॉ. सराफ ने चेतावनी देते हुए कहा जो चीज एक व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो सकती है, जरूरी नहीं कि वह आपके लिए भी सही हो।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक जानकारी और विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है। किसी भी तरह की नई आदत या हेल्थ रूटीन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।



