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​UPI पेमेंट पर नए नियमों से क्या अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा?

15 अक्टूबर 2026 से UPI पेमेंट के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. नए फ्रेमवर्क के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% तक मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लागू होगा. हालांकि, इसका भुगतान ग्राहक नहीं, बल्कि संबंधित मर्चेंट करेगा. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब UPI में MDR की एंट्री हो रही है, तो क्या इसका फायदा Visa और Mastercard जैसी अमेरिकी कंपनियों को भी मिल सकता है?

​UPI पेमेंट पर नए नियमों से क्या अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा?

पहले समझिए MDR क्या होता है

MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले कारोबारी से लिया जाता है. क्रेडिट कार्ड के मामले में यह रकम अलगअलग हिस्सों में बंटती है. इसमें कार्ड जारी करने वाला बैंक, पेमेंट स्वीकार करने वाला बैंक, कार्ड नेटवर्क और दूसरे पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर शामिल हो सकते हैं.

मसलन, अगर 3,000 रुपये के क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर 2% MDR लगता है तो 60 रुपये शुल्क बनता है. यह रकम पेमेंट सिस्टम में शामिल अलगअलग पक्षों के बीच बांटी जाती है. इसमें Visa या Mastercard जैसे कार्ड नेटवर्क को भी नेटवर्क फीस मिलती है.

UPI में अब क्या बदलेगा?

NPCI के नए फ्रेमवर्क के मुताबिक, 2,000 रुपये से अधिक के पात्र मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा. 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी.

उदाहरण के लिए, 3,000 रुपये के पात्र UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR 12 रुपये और 50,000 रुपये के भुगतान पर 200 रुपये होगा. 1 लाख रुपये के भुगतान पर 0.4% के हिसाब से 400 रुपये बनते हैं, लेकिन अधिकतम सीमा के कारण MDR 300 रुपये ही रहेगा.

हालांकि, आम ग्राहक के लिए UPI पेमेंट फ्री रहेगा. P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले पैसे पर भी कोई MDR नहीं लगेगा. छोटे P2PM मर्चेंट के लिए भी तय शर्तों के तहत जीरो MDR का प्रावधान है.

क्या अमेरिकी कंपनियों को मिलेगा फायदा?

यहां Visa और Mastercard को समझना जरूरी है. ये कार्ड नेटवर्क हैं, जबकि UPI का अपना घरेलू पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर है. क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते समय कार्ड नेटवर्क MDR से जुड़े शुल्क का एक हिस्सा हासिल करते हैं. UPI में प्रस्तावित MDR की संरचना अलग है और यह सीधे तौर पर Visa या Mastercard के लिए तय राजस्व हिस्सा नहीं है.

इसलिए केवल UPI पर MDR लागू होने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अमेरिकी कार्ड कंपनियों को सीधे फायदा होगा. UPI के नए मॉडल में मिलने वाली फीस का बंटवारा किस तरह होगा, इसके लिए ऑपरेशनल पैरामीटर और शुल्क वितरण का ढांचा NPCI और संबंधित सिस्टम के जरिए तय किया जाएगा.

असली बदलाव पेमेंट सिस्टम के बिजनेस मॉडल में

UPI लंबे समय से ग्राहक के लिए मुफ्त डिजिटल पेमेंट सिस्टम के तौर पर काम करता रहा है. अब बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन से सीमित MDR लेने का उद्देश्य UPI के लिए टिकाऊ कमर्शियल मॉडल तैयार करना बताया गया है.

NPCI के FAQ के मुताबिक अगस्त 2026 में UPI ने 2,451 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 29.9 लाख करोड़ रुपये रही. इतने बड़े नेटवर्क को चलाने के लिए सर्वर, टेलीकॉम, साइबर सिक्योरिटी और बैंकिंग सॉफ्टवेयर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार खर्च होता है.

ग्राहक की जेब पर क्या असर पड़ेगा?

फिलहाल नए नियमों के तहत ग्राहक से अलग से UPI चार्ज लेने का प्रावधान नहीं है. यानी दुकान पर 5,000 रुपये का सामान खरीदकर UPI से भुगतान करने पर ग्राहक को 5,000 रुपये ही देने होंगे. संबंधित MDR मर्चेंटसाइड शुल्क है और इसे ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं होगी.

इसलिए नए नियम को अमेरिकी कंपनियों को सीधा फायदा पहुंचाने वाला कदम मानने के बजाय UPI के कमर्शियल मॉडल में बदलाव के तौर पर देखना ज्यादा सटीक होगा. इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि नए MDR से पैदा होने वाली फीस का वितरण किस तरह किया जाता है और पेमेंट इकोसिस्टम में कौनकौन से हिस्सेदार इसमें शामिल होते हैं.

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