
बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में करीब नौ महीने पहले जंगल में मिली एक महिला की सड़ी-गली लाश की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। शव की हालत खराब होने के कारण मृतका की पहचान नहीं हो पा रही थी, लेकिन उसके हाथ पर बना ‘KK’ टैटू जांच में अहम सुराग साबित हुआ। इसी कड़ी के जरिए पुलिस मृतका की पहचान तक पहुंची और फिर हत्या के मामले का खुलासा हुआ। अब इस मामले में अदालत ने आरोपी प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जंगल में मिला था महिला का शव
मामला डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के गुरामी डैम के पास जंगल का है। 24 जनवरी 2026 को यहां एक महिला की सड़ी-गली लाश बरामद हुई थी। पुलिस के मुताबिक शव कई दिन पुराना था और उसकी हालत ऐसी थी कि पहचान करना आसान नहीं था।
जांच के दौरान पुलिस की नजर महिला की कलाई पर बने अंग्रेजी अक्षरों ‘K.K.’ के टैटू पर गई। पुलिस ने इसे पहचान की अहम कड़ी मानते हुए तकनीकी और मैदानी जांच शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद मृतका की पहचान बालोद के ग्राम पाररास निवासी कमला राजपूत के रूप में हुई।
प्रेमी के साथ घूमने निकली थी महिला
मृतका की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों और गतिविधियों की जांच शुरू की। इस दौरान सामने आया कि कमला राजपूत का संबंध तरौद निवासी 29 वर्षीय नेमीचंद साहू से था। पुलिस के मुताबिक 16 जनवरी को कमला उसके साथ डौंडीलोहारा घूमने गई थी।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस का शक नेमीचंद पर गहराता गया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें पुलिस के अनुसार उसने हत्या की बात स्वीकार की।
शादी की बात को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस जांच के मुताबिक, 16 जनवरी को नेमीचंद महिला को गुरामी डैम के पास जंगल में लेकर गया था। वहां उसने शराब पी। इसी दौरान उसने महिला का मोबाइल फोन देखा और उसके अन्य लोगों से संपर्क में होने की जानकारी मिली।
बताया गया कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। नेमीचंद महिला पर शादी करने का दबाव बनाने लगा, लेकिन महिला द्वारा कथित तौर पर इनकार किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले महिला का गला दबाया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसे जंगल की ओर ले जाकर पत्थर से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोप है कि वारदात के बाद शव को पत्थरों से ढककर आरोपी वहां से फरार हो गया।
वैज्ञानिक जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की शुरुआत में मृतका की पहचान ही सबसे बड़ी चुनौती थी। हाथ पर बने ‘KK’ टैटू से पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों और घटना से जुड़े लोगों की गहराई से जांच की।
जांच टीम ने घटनास्थल से भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए। तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और मैदानी विवेचना के जरिए अलग-अलग कड़ियों को जोड़ा गया। इसी जांच के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।
यह मामला डौंडीलोहारा थाने में अपराध क्रमांक 19/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 238 में दर्ज किया गया था।
कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी नेमीचंद साहू को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस तरह जंगल में मिली अज्ञात महिला की पहचान से शुरू हुई जांच आखिरकार आरोपी तक पहुंची और अदालत के फैसले के साथ मामले में महत्वपूर्ण पड़ाव आया।



