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दुनिया का अनोखा​​​​​​​ गांव! 50 मीटर ऊंचे पेड़ों पर घर बनाकर रहती है जनजाति, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

दुनिया का अनोखा​​​​​​​ गांव! 50 मीटर ऊंचे पेड़ों पर घर बनाकर रहती है जनजाति, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं, जहां लोगों की जीवनशैली आम शहरों और गांवों से बिल्कुल अलग है। इंडोनेशिया के पापुआ क्षेत्र के घने जंगलों में रहने वाली कोरवाई जनजाति भी अपनी अनोखी जीवनशैली के लिए जानी जाती है। इस समुदाय के कुछ लोग जमीन पर घर बनाने के बजाय ऊंचे पेड़ों पर घर बनाकर रहते हैं।

पेड़ों की ऊंचाई पर बने इन घरों को देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो सकता है। जंगल के बीच कई मीटर ऊपर बने ये ट्री हाउस इस समुदाय की पारंपरिक जीवनशैली का खास हिस्सा माने जाते हैं।

10 से 50 मीटर की ऊंचाई पर बने घर

कोरवाई समुदाय के कुछ पारंपरिक ट्री हाउस जमीन से करीब 10 से 50 मीटर तक की ऊंचाई पर बनाए जाते हैं। घने जंगलों के बीच पेड़ों की ऊंचाई पर बने ये घर दूर से बेहद अनोखे नजर आते हैं।

इन घरों की ऊंचाई हर जगह एक जैसी नहीं होती। घर बनाने के लिए मजबूत और उपयुक्त पेड़ों का चयन किया जाता है, जिसके बाद उनकी शाखाओं और तने के आसपास रहने की जगह तैयार की जाती है।

लकड़ी और पत्तियों से तैयार होते हैं ट्री हाउस

इन पारंपरिक घरों को तैयार करने में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध लकड़ी, पत्तियों और पेड़ों से मिलने वाली दूसरी प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है।

सीमित संसाधनों के बावजूद इन घरों को इस तरह बनाया जाता है कि लोग उनमें रह सकें और जंगल के वातावरण में अपना जीवन जारी रख सकें।

आखिर पेड़ों पर क्यों बनाए जाते हैं घर?

इतनी ऊंचाई पर घर बनाने के पीछे कई कारण बताए जाते हैं। जंगल में जमीन से ऊपर रहने को जंगली जानवरों और दूसरी संभावित परेशानियों से बचाव का एक तरीका माना जाता है।

इसके अलावा ऊंचाई पर बने घरों से आसपास के इलाके पर नजर रखना भी आसान हो सकता है। जंगल के वातावरण में यह जीवनशैली पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक परिस्थितियों से जुड़ी हुई मानी जाती है।

आधुनिक दुनिया से अलग है जीवनशैली

कोरवाई जनजाति की पारंपरिक जीवनशैली आधुनिक शहरों की जिंदगी से काफी अलग दिखाई देती है। घने जंगलों के बीच प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहकर जीवन बिताना और पेड़ों की ऊंचाई पर घर बनाना इस समुदाय को दुनिया की अन्य आबादी से अलग पहचान देता है।

हालांकि, समय के साथ इस क्षेत्र में भी आधुनिक जीवनशैली का प्रभाव बढ़ा है और समुदाय के सभी लोग आज एक जैसी पारंपरिक परिस्थितियों में नहीं रहते। फिर भी ऊंचे पेड़ों पर बने पारंपरिक घर कोरवाई संस्कृति और उनके जंगल से जुड़े जीवन का एक अनोखा उदाहरण माने जाते हैं।

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