उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संगठन को अलर्ट मोड में लाने की कवायद तेज कर दी है. सोमवार को लखनऊ में आयोजित सेवा संकल्प अभियान की कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां कार्यकर्ताओं को सरकार के काम के भरोसे निश्चिंत होकर नहीं बैठने की चेतावनी दी, वहीं भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी ने विपक्ष के डिजिटल नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए संगठन को जमीनी और डिजिटल दोनों स्तरों पर सक्रिय करने का प्लान दिया.

ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सिर्फ सरकार के काम के भरोसे निश्चिंत होकर न बैठें. जो सो रहे हैं, वे जाग जाएं. उन्होंने कहा कि विपक्ष GenZ, Gen Alpha और राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है.ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं को सरकार के काम और उपलब्धियों की जानकारी लेकर जनता के बीच जाना होगा.
योगी ने कार्यकर्ताओं को समझाने के लिए वीर सावरकर के कथन का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि, हम दर्जनों की उद्दंडता से उतने चिंतित नहीं हैं, जितनी सज्जनों की अतिसज्जनता से परेशान हैं. मुख्यमंत्री का संदेश साफ था कि सरकार की उपलब्धियां अपनी जगह हैं, लेकिन संगठन की सक्रियता में कोई कमी नहीं आनी चाहिए.
GenZ और Gen Alpha के मुद्दे पर भी योगी ने किया अलर्ट
योगी ने कहा कि विपक्ष मौजूदा सरकार पर बच्चों के भविष्य और पढ़ाई के लिए पर्याप्त काम नहीं करने का आरोप लगा रहा है. उन्होंने 2017 से पहले और अब की शिक्षा व्यवस्था का अंतर बताते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की स्थिति पहले किसी से छिपी नहीं थी, लेकिन भाजपा सरकार ने स्कूलों के कायाकल्प और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए काम किया.
मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश में सिर्फ 12 पंजीकृत स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से ज्यादा हो चुकी है. एयर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2017 तक प्रदेश में लखनऊ और वाराणसी में ही दो चालू एयरपोर्ट थे, जबकि अब 17 घरेलू और पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हैं या शुरू होने के अंतिम चरण में हैं.
योगी ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और देश की पहली रैपिड रेल यानी RRTS जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार की इन उपलब्धियों को घरघर और बूथ स्तर तक पहुंचाना होगा.
स्मृति ईरानी ने बताया विपक्ष के डिजिटल नैरेटिव का जवाब
वहीं,कार्यशाला में भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी ने संगठन को सरकार की उपलब्धियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहुंचाने का नया तरीका बताया. उन्होंने साफ कहा कि विपक्ष के डिजिटल नैरेटिव का जवाब सिर्फ भाषणों से नहीं दिया जा सकता. इसके लिए सरकार की योजनाओं से सीधे लाभ पाने वाले लोगों की वास्तविक कहानियों को जनता तक पहुंचाना होगा.
स्मृति ईरानी ने संगठन को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश के करीब 29 हजार शक्ति केंद्रों से कम से कम 1010सक्सेस स्टोरी खोजी जाएं. इनमें पीएम आवास योजना से घर पाने वाले परिवार, ODOP के जरिए लाभ पाने वाले कारीगर, मुद्रा योजना से कारोबार शुरू करने वाले उद्यमी और ऑपरेशन कायाकल्प से बदले स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की कहानियां शामिल हों.
इन लाभार्थियों के करीब एक मिनट के वास्तविक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाएंगे. यानी भाजपा अब सरकार की योजनाओं का प्रचार नेताओं के भाषणों के बजाय लाभार्थियों की जुबानी उनकी अपनी कहानी के जरिए करने की तैयारी में है.
संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
स्मृति ईरानी ने प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के पदाधिकारियों से कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद करने को कहा. उन्होंने केंद्र सरकार के 13 अभियानों को सुचारू ढंग से चलाने पर भी जोर दिया. उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं की बातें सुनी जाएं और जिन कामों में सरकार की मदद की जरूरत है, वहां संगठन और सरकार मिलकर समाधान की दिशा में काम करें.
स्मृति ईरानी ने कार्यशाला में पीपीटी के जरिए बाकायदा प्रेजेंटेशन देकर कार्यकर्ताओं को बताया कि अभियान को किन बिंदुओं पर और किस तरीके से आगे बढ़ाना है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनकी बात सुनी जाएगी और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम होगी.
योगी का अलर्ट स्मृति का डिजिटल प्लान
भाजपा की इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्मृति ईरानी के संदेश को एक साथ देखें तो पार्टी की 2027 की रणनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ होती है. योगी ने संगठन को चेताया कि सरकार के काम के भरोसे बैठने की गलती न करें, जबकि स्मृति ईरानी ने बताया कि इन कामों को जनता और खासकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक किस तरह पहुंचाना है.


