दिवंगत अभिनेता मुकुल देव के निधन के बाद उनके बड़े भाई और अभिनेता राहुल देव ने मीडिया और पैपराजी के व्यवहार पर नाराज़गी जताई है। राहुल देव ने कहा कि उनके भाई के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ मीडिया कर्मियों ने बेहद असंवेदनशील रवैया अपनाया और लगातार तस्वीरें खींचते रहे। उनका कहना है कि शर्मिंदा उन्हें नहीं, बल्कि ऐसा करने वालों को होना चाहिए।

राहुल देव ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने अंतिम संस्कार में किसी मीडिया व्यक्ति को नहीं बुलाया था। उन्होंने सिर्फ अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अंतिम संस्कार की जानकारी साझा की थी ताकि रिश्तेदारों और दोस्तों को सूचना मिल सके। लेकिन इसके बाद वहां अफरातफरी मच गई और कई फोटोग्राफर पहुंच गए।
राहुल ने कहा कि उस समय वह अपने भाई को खोने के दुख में थे और ऐसे समय में कैमरे लेकर तस्वीरें खींचना बेहद अजीब और असंवेदनशील था।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पैपराजी को डांटा तो उन्हें बिल्कुल भी शर्मिंदगी महसूस नहीं हुई। राहुल के मुताबिक, “मैंने वही किया जो उस वक्त एक भाई के तौर पर सही लगा। जिन्हें तस्वीरें खींचनी थीं, शर्म उन्हें आनी चाहिए।”
राहुल देव ने अपने परिवार के मुश्किल दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2019 से 2023 के बीच उन्होंने अपने मातापिता को खो दिया। उनके भाई मुकुल देव अपने पिता के निधन के बाद कभी पूरी तरह उबर नहीं पाए थे। वह अपनी बीमार मां की देखभाल में भी पूरी तरह जुटे रहे। लेकिन तलाक और बेटी से दूरी के कारण मुकुल काफी अकेलेपन में रहने लगे थे।
राहुल के अनुसार, इसी अकेलेपन की वजह से मुकुल ने अपनी सेहत पर ध्यान देना छोड़ दिया था। उन्होंने काम के ऑफर भी ठुकराने शुरू कर दिए थे और मौत से पहले कई दिनों तक ठीक से खाना भी नहीं खाया था। राहुल ने यह भी कहा कि आज जो बॉलीवुड सितारे मुकुल के निधन पर दुख जता रहे हैं, उनमें से कई लोग पिछले छह सालों में कभी उनका हालचाल पूछने तक नहीं आए।
रिपोर्ट में अभिनेता धर्मेंद्र के अंतिम दिनों का भी जिक्र किया गया। बताया गया कि जब धर्मेंद्र अस्पताल में भर्ती थे, तब आईसीयू का एक वीडियो लीक हो गया था, जिसमें परिवार के लोग दुखी नजर आ रहे थे। इस घटना से उनका परिवार काफी परेशान हुआ था। यहां तक कि उनके बेटे सनी देओल ने भी पैपराजी पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा था कि ऐसे मुश्किल समय में परिवार की प्राइवेसी का सम्मान किया जाना चाहिए।
इन्हीं घटनाओं के बाद देओल परिवार ने धर्मेंद्र के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार बेहद निजी तरीके से करने का फैसला लिया था।



