ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। संपत्ति विवाद में भाइयों को फंसाने के लिए एक बाप ने अपने मासूम बेटे को मार डाला। मासूम बेटे ने जान बचाने के लिए खूब संघर्ष किया, लेकिन आरोपी बाप का दिल नहीं पसीजा।

ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में 13 वर्षीय मासूम सुधांशु की हत्या ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद पुलिस ने जब आरोपी की कार की जांच की तो डैशबोर्ड पर बच्चे के पैरों की मिट्टी लगी मिली। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत से पहले मासूम ने बचने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष किया था, लेकिन नशे में धुत पिता की हैवानियत के आगे उसकी एक न चली।
बच्चा घर के बाहर नंगे पैर खेल रहा था, तभी आरोपी पिता उसे बहलाकर कार में बैठाकर ले गया था। पुलिस के अनुसार, कार में ही रस्सी से सुधांशु का गला कसा गया। आरोपी ने रात करीब आठ बजे के बाद अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।
आरोपी ने हत्या के बाद घर लौटकर पत्नी और भाइयों से ऐसे पूछताछ की जैसे उसे कुछ पता ही न हो। जिस संपत्ति के लिए आरोपी ने अपने बेटे की हत्या की, उसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह था पूरा मामला
ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव से रिश्तों को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। अपने भाइयों को फंसाने के लिए पिता ने बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। गांव के बाहर तालाब में शव को फेंक दिया। वारदात के बाद आरोपी प्रदीप भाटी परिवार और ग्रामीणों के साथ बेटे की तलाश का नाटक करता रहा।
कासना कोतवाली पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस के शिकंजे में आते ही आरोपी ने ब्लेड से गला काटकर आत्महत्या की कोशिश की। आरोपी प्रदीप का पुत्र सुधांशु आठवीं का छात्र था।
बुधवार रात करीब नौ बजे वह घर से निकला था। देर रात तक नहीं लौटने पर परिजन ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। बृहस्पतिवार को चाचा मोहित ने कोतवाली में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई।
उसी दिन शाम करीब सात बजे तालाब के पास खेल रहे बच्चों ने पानी में शव का उतराता देखा। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। शव की पहचान होने पर सुधांशु के परिजन में कोहराम मच गया।
आरोपी ने भाइयों पर लगाया अपहरण का आरोप
मौके पर पहुंचा आरोपी पिता अपने भाइयों पर ही बेटे के अपहरण और हत्या का आरोप लगाने लगा। व्यवहार पर शक होने पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज में आरोपी बेटे के साथ कार से जाता दिखता है, लेकिन दो घंटे बाद वह अकेले लौटता है।
इसके बाद पुलिस ने जब सख्ती दिखाई तो उसने बेटे के गुलिस्तापुर में दोस्त के घर पर होने का दावा किया, लेकिन पुलिस जब उसे लेकर वहां पहुंची तो उसने बेटे को लाने के बहाने भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस व ग्रामीणों ने उसे दबोच लिया। फंसता देख प्रदीप ने आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने तत्काल उसे पकड़कर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
भाइयों से चल रहा जमीन का विवाद
जांच में सामने आया है कि प्रदीप का भाइयों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। गांव के बाहर करीब दो बीघा जमीन में दुकान बनाने को लेकर चारों भाइयों के बीच लंबे समय से तनाव था। प्रदीप ने उन्हें फंसाने के इरादे से बेटे की हत्या की।
प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र शुक्ला ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उपचार के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुकान निर्माण शुरू करने के बाद बढ़ गया था विवाद
प्रदीप चार भाइयों में दूसरे नंबर पर है। संदीप बड़ा और मोहित व रोहित छोटे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि एक माह पहले संदीप ने दुकान निर्माण के लिए पिलर खड़े कराने शुरू किए तो प्रदीप ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान मोहित और रोहित ने भी संदीप का पक्ष लिया था।
इसी बात पर प्रदीप की भाइयों से मारपीट हुई थी। प्रदीप ने तीनों भाइयों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था, जिस पर पुलिस ने तीनों का शांतिभंग में 151 के तहत चालान किया था।



