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गर्मियों में बार-बार चढ़ जाता है आपका पारा? इन 5 सरल तरीकों से रखें दिमाग को बर्फ जैसा ठंडा

Satya Report: Anger Control Tips: गर्मियों के मौसम का आगमन न केवल शारीरिक थकान लाता है बल्कि यह हमारे मानसिक संतुलन को भी बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। अक्सर देखा जाता है कि तापमान बढ़ने के साथसाथ लोगों में गुस्सा, चिड़चिड़ापन और अधीरता बढ़ने लगती है। इस समस्या का सीधा संबंध हमारे शरीर के पित्त दोष से है। जब बाहर के वातावरण का तापमान बढ़ता है तो शरीर के भीतर का तापमान भी अनियंत्रित होने लगता है जिससे मन और तन का संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

गर्मियों में बार-बार चढ़ जाता है आपका पारा? इन 5 सरल तरीकों से रखें दिमाग को बर्फ जैसा ठंडा
गर्मियों में बार-बार चढ़ जाता है आपका पारा? इन 5 सरल तरीकों से रखें दिमाग को बर्फ जैसा ठंडा

मानसिक स्वास्थ्य

आयुर्वेद का मानना है कि गर्मी के कारण शरीर में पित्त की मात्रा बढ़ जाती है। पित्त का यह बढ़ा हुआ स्तर ही पूरे दिन रहने वाले का मुख्य कारण होता है। यदि आप छोटीछोटी बातों पर उत्तेजित हो रहे हैं सिर में गर्मी महसूस कर रहे हैं या भीतर से अशांत हैं तो यह स्पष्ट रूप से बढ़े हुए पित्त का संकेत है। ऐसे में केवल बाहरी शीतलता ही काफी नहीं है बल्कि शरीर को अंदर से शांत रखना अनिवार्य हो जाता है।

आराम और डाइट में बदलाव

इस समस्या से निपटने के लिए आयुर्वेद आराम और सही लाइफस्टाइल पर जोर देता है। विशेष रूप से गर्मी के महीने में दिन के समय सोने और भरपूर आराम करने की सलाह दी जाती है ताकि शरीर की ऊर्जा बनी रहे। खानपान की बात करें तो गर्मियों में चाय का सेवन कम करना चाहिए क्योंकि यह शरीर में जलन और गर्मी को और अधिक बढ़ा देती है।

इसके बजाय आप हर्बल टी का सहारा ले सकते हैं। तुलसी, गुलाब की पंखुड़ियों, पैशनफ्लावर और कैमोमाइल से बनी चाय न केवल तनाव कम करती है बल्कि आपके हॉर्मोन्स को संतुलित करने में भी मदद करती है।

घी और चंदन का लेपन

के लिए घी नस्य एक अत्यंत प्रभावशाली प्रक्रिया मानी गई है। रात के समय नाक में घी की बूंदें डालने से शरीर का रूखापन कम होता है और मस्तिष्क को शांति मिलती है। यह प्रक्रिया तंत्रिकातंत्र को शांत कर तनाव के स्तर को काफी हद तक घटा देती है।

इसके अतिरिक्त माथे पर चंदन का लेप लगाना एक सदियों पुराना और अचूक उपाय है। चंदन की तासीर ठंडी होती है जो शरीर के तापमान को संतुलित रखती है और अशांत मन को स्थिरता प्रदान करती है।

मालिश से पाएं सुकून

अगर गर्मी के कारण आपको निरंतर बेचैनी महसूस होती है तो तेल की मालिश एक बेहतरीन विकल्प है। भृंगराज या नारियल तेल से सिर और पैरों के तलवों की मालिश करने से शरीर की अतिरिक्त गर्मी बाहर निकलती है। यह न केवल क्रोध को शांत करता है बल्कि आपको गहरी और सुकून भरी नींद लेने में भी सहायता करता है। इन छोटे लेकिन प्रभावी आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर आप भीषण गर्मी में भी खुद को शांत और ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं।

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