
बेंगलुरु के काडुगोडी इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. करीब दो महीने पहले 6 साल की एक मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. अब इस मामले में पुलिस ने बच्ची की मां और उसके लिव-इन पार्टनर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है. यह कार्रवाई बच्ची के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मासूम वेनिला की मौत से जुड़ा है, जो बीती 25 मार्च को सीगेहल्ली स्थित एक किराए के विला में मृत पाई गई थी. बच्ची के पिता प्रवीण बसप्पा की शिकायत पर काडुगोडी थाना पुलिस ने उनकी पत्नी पी. प्रियंका और उनके पार्टनर मोहन जी. महालिंगप्पा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है. पुलिस ने आरोपी मोहन को गिरफ्तार कर 7 दिनों की रिमांड पर लिया है, जबकि मां प्रियंका फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है.
रिश्तों में दरार और अलग होने की कहानी
शिकायत के मुताबिक, प्रवीण और प्रियंका की शादी को 17 साल हो चुके थे और उनकी दो बेटियां हैं. साल 2025 में उनके रिश्ते में तब दरार आई जब प्रियंका एक कानूनी मामले के सिलसिले में बेंगलुरु आईं और वहां उनकी मुलाकात अपने कॉलेज के पुराने दोस्त मोहन से हुई. इसके बाद प्रियंका ने तलाक की अर्जी दे दी और मोहन के साथ लिव-इन में रहने लगीं. उनकी बड़ी बेटी पिता प्रवीण के साथ रह रही थी, जबकि छोटी बेटी वेनिला मां प्रियंका के साथ थी.
मौत का सस्पेंस
प्रियंका ने परिवार वालों को बताया था कि घटना वाले दिन उन्होंने वेनिला को बिरयानी और आइसक्रीम खिलाई थी. इसके बाद वह बच्ची को कार के अंदर एसी (AC) चलाकर सोता हुआ छोड़ गईं और खुद मोहन के साथ बाहर चली गईं. प्रियंका के मुताबिक, वापस आने के बाद वह सोती हुई बच्ची को गोद में उठाकर घर के अंदर ले आईं. अगली सुबह वेनिला सोकर नहीं उठी. उसे तुरंत व्हाइटफील्ड के वैदेही अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया.
कैसे गहराया शक?
पुलिस ने पहले इसे अस्वाभाविक मौत का मामला माना था और फूड पॉइजनिंग का शक जताया था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी. प्रियंका के बयानों में भी बार-बार विरोधाभास दिख रहा था, जिसके बाद पुलिस ने विसरा सैंपल को फॉरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा. घटना के तुरंत बाद जब मोहन ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी, तो पुलिस और पिता का शक गहरा गया.
यूके में रहने वाली डॉक्टर बहन ने खोला राज
पिता प्रवीण ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने इसे यूनाइटेड किंगडम (UK) में रहने वाली अपनी बहन से साझा किया, जो बच्चों की विशेषज्ञ हैं. रिपोर्ट और परिस्थितियों को देखकर उन्होंने आशंका जताई कि बच्ची के साथ कोई अनहोनी या साजिश हुई है.
इसी के बाद प्रवीण ने पुलिस से संपर्क कर आरोप लगाया कि उनकी बेटी की अस्पताल ले जाने से पहले बेरहमी से पिटाई की गई और दम घोंटकर उसकी जान ली गई. उन्होंने मौत को लेकर दिए जा रहे अलग-अलग बयानों पर भी सवाल उठाए.
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
व्हाइटफील्ड के डिप्टी कमिश्नर (DCP) सैदुलु अदवत ने बताया कि शुरुआत में पुलिस के पास पूरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं थी, जिसका फायदा उठाकर मोहन को अग्रिम जमानत मिल गई थी. लेकिन बाद में पुलिस ने पुख्ता मेडिकल और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर कोर्ट में उस राहत को चुनौती दी, जिसके बाद मोहन की अग्रिम जमानत रद्द कर दी गई.
पुलिस ने अब इस मामले को पूरी तरह से हत्या की जांच में बदल दिया है. पुलिस हर कोण से जांच कर रही है चाहे वह कार के अंदर दम घुटने का मामला हो या फिर जहर देने का. अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट और डॉक्टरों की अंतिम राय आने के बाद ही इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो पाएगा। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है.



