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12 साल की मासूम का रेप फिर पत्थर से कुचलकर की हत्या, वर्धा में हुई नसरापुर जैसी दरिंदगी, अस्पताल के बाहर बवाल!

Wardha Minor Rape Murder Case Accused Arrested: अभी कुछ ही दिन पहले पुणे के नसरापुर में एक नन्हीं जान के साथ हुई दरिंदगी और उसकी हत्या की खौफनाक यादें धुंधली भी नहीं हुई थीं कि महाराष्ट्र एक बार फिर ऐसी ही रूह कंपा देने वाली घटना से दहल उठा है। वर्धा जिले के सावंगी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रोठा गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 12 वर्षीय मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने के बाद पत्थर से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया।

12 साल की मासूम का रेप फिर पत्थर से कुचलकर की हत्या, वर्धा में हुई नसरापुर जैसी दरिंदगी, अस्पताल के बाहर बवाल!
12 साल की मासूम का रेप फिर पत्थर से कुचलकर की हत्या, वर्धा में हुई नसरापुर जैसी दरिंदगी, अस्पताल के बाहर बवाल!

यह दिल दहला देने वाला मामला 15 जुलाई की रात करीब 8 बजे तब सामने आया जब पीड़िता के मातापिता बाजार से काम निपटाकर घर लौटे। घर के भीतर का मंजर इतना भयावह था कि उसे देखकर किसी का भी कलेजा फट जाए। पीड़ित बच्ची, जो सुबह स्कूल गई थी और दोपहर में जल्दी घर लौट आई थी, उसका लहूलुहान शव निर्वस्त्र अवस्था में घर के भीतर पड़ा मिला।

अकेलेपन का फायदा उठाकर नराधम ने पार की सारी हदें

सूत्रों के अनुसार, आरोपी को इस बात की पूरी जानकारी थी कि दोपहर के समय मासूम घर में अकेली है। वह चुपके से घर में घुसा और मासूम के साथ दुष्कर्म किया। दरिंदगी की हद तो तब हो गई जब अपनी पहचान छिपाने और वारदात को दबाने के लिए उस शैतान ने मासूम को जान से मारने की धमकी दी और अंततः एक भारी पत्थर से उसका सिर कुचलकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।

आरोपी राहुल मडावी गिरफ्तार, गांव का ही निकला कातिल

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। जांच के दौरान पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 30 वर्ष का राहुल मडावी के रूप में हुई है, जो रोठा गांव का ही निवासी है और एक खेत मजदूर के रूप में काम करता है। पुलिस को अंदेशा था कि कातिल कोई करीबी या स्थानीय व्यक्ति ही हो सकता है, क्योंकि उसे बच्ची के घर में अकेले होने के समय की सटीक जानकारी थी।

सिविल अस्पताल के बाहर भारी बवाल, फांसी की मांग पर अड़े लोग

इस हत्याकांड की खबर फैलते ही पूरे वर्धा जिले में जनाक्रोश फूट पड़ा। वर्धा के सिविल अस्पताल के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए और रास्ता रोको आंदोलन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक मासूम को न्याय नहीं मिलता और आरोपी को फांसी की सजा नहीं सुनाई जाती, तब तक वे शव को अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाने देंगे। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान ने भी प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया।

🚨 वर्धा जिला अस्पताल के सामने जनता का आक्रोश!

वर्धा के रोठा गांव की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के विरोध में लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में नागरिकों ने जिला अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया। pic.twitter.com/bv5IAnprUX

— Goraksha Pophlee July 16, 2026

प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए डीवाईएसपी स्तर के अधिकारी को नियुक्त किया है। पुलिस ने कड़ी मशक्कत और मध्यस्थता के बाद नागरिकों को समझाबुझाकर मासूम का शव अंतिम संस्कार के लिए अस्पताल से बाहर भेजा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले को फास्ट ट्रैक पर ले जाया जाएगा ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

महाराष्ट्र में बारबार हो रही ऐसी घटनाएं अब राज्य की कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं। क्या और अब वर्धा जैसी घटनाओं के बाद भी समाज के ये भेड़िये बेखौफ घूमते रहेंगे?

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