India

राम मंदिर चोरी में खुलासाः पुलिस सख्ती से टूटा अविनाश, उगले कई नाम-आप भी जानें

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में जेल में निरुद्ध आठ आरोपियों के मास्टरमाइंड बन कर उभरा अविनाश शुक्ला पुलिस की सख्ती के बाद टूट गया। पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ल ने कई नाम उगल दिए। पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। इसके आधार पर अब बाकी आरोपियों से पूछताछ की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक उसकी पूछताछ में कुछ और लोगों की संदिग्ध भूमिका उजागर हुई हैं। जल्द ही पुख्ता सुबूत मिलने पर कुछ नए नाम आरोपियों के रूप में शामिल किए जाएंगे।

राम मंदिर चोरी में खुलासाः पुलिस सख्ती से टूटा अविनाश, उगले कई नाम-आप भी जानें

चढ़ावा चोरी के पांच आरोपियों से पुलिस जिला कारागार में पूछताछ करेगी। पुलिस जानना चाहती है कि पूरे चढ़ावा चोरी कांड का मास्टरमाइंड कौन है। कब से और कैसे पैसे लेकर मंदिर से निकलते थे। चोरी किए गए पैसों को कहांकहां ठिकाने लगाया। पुलिस उपाधीक्षक व विवेचक आशुतोष तिवारी के प्रार्थनापत्र पर कोर्ट ने अनुमति दे दी है। पुलिस ने इससे पहले अविनाश शुक्ला से जिला जेल में पूछताछ की थी उसके बाद पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया था। पूछताछ और कस्टडी रिमांड पर उसने कई राज उगले हैं। कई नए लोगों के नाम बताए हैं। जेल में बंद चढ़ावा चोरी के आरोपियों की अलगअलग भूमिका भी गिनाई है। गिरफ्तार आरोपियों के रिश्तेदारों, करीबियों के नाम भी अविनाश ने पुलिस को बताए हैं। ये भी पढ़ें:चंपत राय, डॉ अनिल मिश्रा और गोपाल राव की बढ़ सकती है सुरक्षा, जानें वजह

परिक्रमा मार्ग पर चढ़ावा चोरी की रकम का होता था बंदरबांट सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि अविनाश की ही अगुवाई में परिक्रमा मार्ग पर चढ़ावा चोरी की रकम की बंदरबांट होती थी। खास ये है कि उसमें तीर्थ क्षेत्र के उन लोगों को भी रकम का हिस्सा दिया जाता था जो खुद के पाक साफ होने और आरोपों के बेवजह होने का दावा करते थे। सूत्रों के मुताबिक अविनाश ने पूछताछ के दौरान यह भी बताया कि कैसे गणनाकर्मियों की नियुक्ति होती थी। इसमें तीर्थ क्षेत्र के बड़े पदाधिकारियों की सिफरिश काम आती थी। आरोपियों के सिर पर उनका हाथ होने की वजह से ही उन्हें भी चढ़ावा चोरी की रकम का हिस्सा दिया जाता था। अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर पुलिस बहुमूल्य वस्तुओं और प्रश्नगत संपत्तियों की जांच कर रही है। इसी सिलसिले में पुलिस ने शनिवार को भी कई ठिकानों पर छापेमारी की।

पुलिस ने पांच आरोपियों से पूछताछ की मांगी अनुमति अविनाश के अलावा रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, मनीष यादव तथा रमाशंकर मिश्रा जेल में बंद हैं। इनमें से पांच से पुलिस ने पूछताछ की अनुमति मांगी है। पुलिस इन आरोपियों से घोषित के अलावा अघोषित संपत्ति की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। यदि मंदिर में नौकरी के बाद संपत्ति खरीदी होगी तो यह मान लिया जाएगा कि चढ़ावे के पैसे से ही खरीदी है। इन पांचों से पूछताछ में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए भी आवेदन कर सकती है। पुलिस इस मामले में बैंककर्मियों की संलिप्तता की जांच भी कर रही है।

बैंक के पूर्व अधिकारियों का भी बयान होगा दर्ज पुलिस के निर्देश पर शनिवार को एसबीआई के शाखा प्रबंधक अनूप कुमार त्रिपाठी क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचे और उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया। बताया गया कि बैंक के पूर्व में तैनात अधिकारियों का भी बयान दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा राम मंदिर में कार्यरत रहे सभी बैंक कर्मियों को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने वर्तमान में कार्यरत सभी नौ कर्मियों का बयान दर्ज कर लिया है। एक अधिकारी ने अपना नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि ट्रस्टियों को व्यवस्था के प्रति उदासीनता का जिम्मेदार भले कहा जाए लेकिन उनके द्वारा चोरी करने के अब तक ठोस सुबूत सामने नहीं आए हैं लेकिन पड़ताल कर उसे पुष्ट किया जा रहा है।

सोमवार को रिमांड अर्जी दाखिल कर सकती है पुलिस जिला कारागार में पांचों आरोपियों से पूछताछ के बाद तय दो की कस्टडी रिमांड भी पुलिस मांग सकती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सोमवार को अर्जी दाखिल की जाएगी लेकिन उससे पहले होने वाली पूछताछ में आने वाले तथ्यों के आधार पर नाम तय होंगे। पांचों से पूछताछ में यदि कुछ ऐसा निकलकर आता है जिसमें माल बारामदगी करनी होगी, उन्हीं को रिमांड पर लिया जाएगा। पूछताछ में आने वाले तथ्यों पर निर्भर होगा कि अगली रिमांड अर्जी किसकी होगी।

 

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply