अयोध्या : राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अभी जारी है। इस बीच मंदिर के गणना कक्ष और दानपात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया है। सीआरपीएफ, पुलिस समेत विभिन्न सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के साथसाथ निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी बढ़ाई गई है।

सूत्रों के अनुसार, निजी सुरक्षा कर्मियों की संख्या करीब 300 से बढ़ाकर लगभग 350 कर दी गई है। उनकी ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई जा रही है। चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद निजी सुरक्षा कर्मियों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। पहले उन्हें 16 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जिसे बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने मानदेय बढ़ाने की मांग की थी और इसमें प्रदेश सरकार के निर्देश भी सहायक रहे।
मंदिर परिसर में सुरक्षा की बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। गणना कक्ष की पहली सुरक्षा परत में एसआईएस के निजी सुरक्षा कर्मियों के साथ पुलिस बल तैनात है। इन्हीं के जिम्मे मंदिर के मुख्य द्वार, परकोटा, सुग्रीव किला और मंदिर परिसर के भीतरी हिस्से की सुरक्षा है। वहीं, दूसरी निजी एजेंसी बीपीएच के सुरक्षा कर्मी यात्री सेवा केंद्र और मंदिर की बाहरी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। अब इन सुरक्षा चौकियों से गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन तलाशी ली जा रही है।
इसके अलावा सरकारी सुरक्षा व्यवस्था भी लगातार और सख्त की जा रही है। मंदिर परिसर में आनेजाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। निजी सुरक्षा कर्मियों को सरकारी सुरक्षा बलों के सहयोगी के रूप में तैनात किया गया है। जिन स्थानों पर निजी सुरक्षा कर्मी मौजूद हैं, वहां या उसके आसपास सरकारी सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती सुनिश्चित की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, गणना कक्ष के अलावा दानपात्रों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था में हुए इन बदलावों को लेकर न तो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है और न ही संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने कोई टिप्पणी की है।



