
तस्कर अपने अवैध मंसूबों को अंजाम देने के लिए ऐसे-ऐसे अनोखे तरीके खोज निकालते हैं कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी दंग रह जाती हैं. कई बार तो यह अपराधी सुरक्षा घेरे को चकमा देने में कामयाब हो जाते हैं, लेकिन कभी-कभी एक छोटी सी चूक उन तस्करों की प्लानिंग पर पानी फेर देती है. ऐसा ही एक बेहद हैरान करने वाला मामला हॉन्ग-कॉन्ग की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर देखने को मिला है, जहां एक महिला ने तस्करी की सारी हदें पार कर दीं. इस महिला ने सुरक्षा जांच को चकमा देने के लिए अपने शरीर का इस्तेमाल किया, लेकिन बॉडी से आ रही तेज बदबू और महिला की चाल-ढाल ने सारी पोल खोल दी. कस्टम अधिकारियों ने जब महिला की जांच की तो उनके भी होश उड़ गए. महिला के शरीर पर 58 जिंदा कछुए लिपटे हुए थे, जिसे वो तस्करी करके ले जाने की फिराक में थी.
दरअसल, यह चौंकाने वाली घटना हॉन्ग-कॉन्ग से चीन के शेनझेन में प्रवेश करने वाले वेनजिंदु पोर्ट बॉर्डर क्रॉसिंग पर सामने आई. यहां कस्टम अधिकारियों ने एक महिला यात्री को हिरासत में लिया है, जो बेहद शातिराना तरीके से वन्यजीवों की तस्करी करने का प्रयास कर रही थी. अधिकारियों के अनुसार, यह महिला बेहद सामान्य तरीके से ‘नथिंग टू डिक्लेअर’ (घोषणा के लिए कुछ नहीं) वाले ग्रीन चैनल से होकर जा रही थी. पहली नजर में वह एक आम मुसाफिर की तरह ही दिखाई दे रही थी, जो ढीली-ढाली ड्रेस में थी. लेकिन जैसे ही वह अधिकारियों के सामने से पैदल गुजरने लगी, तो उसकी चाल में कुछ अजीब सा भारीपन और असामान्य उभार दिखाई दिया. ढीले कपड़ों के नीचे छिपी कुछ संदिग्ध वस्तुओं ने सुरक्षाकर्मियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. जैसे ही कस्टम अधिकारी उस महिला से पूछताछ करने और उसकी जांच करने के लिए उसके करीब पहुंचे, वैसे ही उनके होश उड़ गए.
महिला के शरीर से आ रही थी बदबू
अधिकारी जैसे ही महिला के पास पहुंचे, उन्हें उसके शरीर से किसी इंसान की नहीं, बल्कि जानवरों के मल-मूत्र और पसीने जैसी बेहद तेज और तीखी बदबू आ रही थी. इस अजीबोगरीब और असहनीय बदबू ने अधिकारियों के शक को यकीन में बदल दिया. इसके बाद महिला अधिकारी द्वारा जब उसकी गहन तलाशी ली गई, तो कपड़ों के नीचे का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया. महिला ने अपनी जांघों पर टाइट्स पहन रखी थी, जो बुरी तरह से फूली हुई थी. उसने इन टाइट्स को अपनी जांघों के साथ मजबूत सेलोटेप की मदद से चिपका रखा था. जब उन टाइट्स को खोला गया, तो उसके भीतर से रेंगते हुए जिंदा कछुए निकलने लगे. अधिकारियों ने गिनती की तो महिला की जांघों से कुल 58 जिंदा कछुए बरामद किए गए, जिन्हें बेहद क्रूरता से वहां ठूंसकर बांधा गया था.
जांच में पता चला- ये तो दुर्लभ कछुए हैं!
महिला से बरामद किए गए कछुओं को जांच के लिए तुरंत एक्सपर्ट्स की टीम के पास भेजा गया. ऐसे में गुआंगडोंग पेंगहाई ज्यूडिशियल अप्रेजल इंस्टीट्यूट ने बाद में इन रेंगने वाले जीवों की प्रजातियों की सटीक पहचान की. जांच रिपोर्ट में सामने आया कि बरामद किए गए कुल कछुओं में से 43 कछुए ‘हर्मन’ प्रजाति के थे. यह प्रजाति मुख्य रूप से यूरोपीय देशों में पाई जाती है और इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर द्वारा इसे लुप्तप्राय जीवों की श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है. इसके अलावा, बाकी बचे 15 कछुए लाल पैर वाले थे, जो उत्तरी दक्षिण अमेरिका के मूल निवासी माने जाते हैं. चीन के वन्यजीव नियमों के मुताबिक, ये दोनों ही प्रजातियां लुप्तप्राय वन्यजीवों और वनस्पतियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन के परिशिष्ट-II में शामिल हैं. चीनी कानूनों के तहत इन जीवों को गैर-देशी और संभावित रूप से आक्रामक प्रजाति माना जाता है, जिनका बिना अनुमति के आयात या परिवहन पूरी तरह अवैध है.



