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Prostate Symptoms: दिन-रात पेशाब में दिखें ये 4 बदलाव तो रहें सावधान! जानें प्रोस्टेट बढ़ने के कारण, लक्षण, जांच और बिना सर्जरी इलाज..​​​​​​

उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में प्रोस्टेट का आकार बढ़ना आम है। लेकिन जब यह पेशाब की नली पर दबाव डालने लगता है, तो बार-बार पेशाब आना, रात में कई बार उठना, पेशाब शुरू होने में देरी और कमजोर धार जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इन लक्षणों को Lower Urinary Tract Symptoms (LUTS) कहा जाता है। कई बार इनकी वजह Benign Prostatic Hyperplasia (BPH) यानी बढ़ा हुआ प्रोस्टेट होती है। हालांकि, यूरिन इंफेक्शन, ब्लैडर की समस्या, पेशाब की नली में संकुचन और डायबिटीज भी इसका कारण हो सकते हैं।

डॉ. विनीत मल्होत्रा के अनुसार, उम्र के साथ होने वाले हार्मोनल बदलाव प्रोस्टेट बढ़ने में भूमिका निभा सकते हैं। हर मरीज को सर्जरी की जरूरत नहीं होती। दवाओं, लाइफस्टाइल बदलाव और कुछ कम इनवेसिव उपचारों से भी राहत मिल सकती है।

प्रोस्टेट क्या होता है?

प्रोस्टेट पुरुष प्रजनन तंत्र की एक छोटी ग्रंथि है, जो ब्लैडर के नीचे और पेशाब की नली के शुरुआती हिस्से के आसपास होती है। इसका काम वीर्य में शामिल तरल पदार्थ बनाने में मदद करना है।

उम्र बढ़ने के साथ इसका आकार बढ़ सकता है। समस्या तब होती है जब यह पेशाब की नली पर दबाव डालकर पेशाब के प्रवाह में रुकावट पैदा करता है।

पेशाब में दिखें ये 4 बदलाव

1. पेशाब शुरू होने में देरी

पेशाब की इच्छा होने के बावजूद तुरंत पेशाब शुरू न होना या कुछ देर इंतजार करना Hesitancy कहलाता है। यह बढ़े हुए प्रोस्टेट का संकेत हो सकता है।

2. कमजोर या रुक-रुक कर धार

अगर पहले की तुलना में पेशाब की धार कमजोर हो गई है या बीच-बीच में रुकती है, तो पेशाब के रास्ते में रुकावट हो सकती है।

3. ब्लैडर पूरी तरह खाली न होना

पेशाब करने के बाद भी ब्लैडर भरा हुआ महसूस होना या थोड़ी देर बाद फिर पेशाब लगना प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। इससे यूरिन इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

4. रात में बार-बार पेशाब आना

रात में बार-बार पेशाब के लिए उठने को Nocturia कहा जाता है। इसका कारण बढ़ा हुआ प्रोस्टेट, डायबिटीज, यूरिन इंफेक्शन, ज्यादा तरल पदार्थ या कुछ दवाएं हो सकती हैं।

बार-बार पेशाब आना हमेशा प्रोस्टेट की वजह नहीं

यूरिन इंफेक्शन में बार-बार पेशाब के साथ जलन, दर्द और कभी-कभी बुखार हो सकता है। पेशाब की नली में संकुचन से धार कमजोर हो सकती है, जबकि डायबिटीज में पेशाब की मात्रा बढ़ सकती है।

इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद से दवा लेना सही नहीं है।

प्रोस्टेट और ब्लैडर इंफेक्शन में अंतर

बढ़े हुए प्रोस्टेट में पेशाब शुरू करने में देरी, कमजोर धार और ब्लैडर खाली न होने जैसी समस्या होती है। वहीं इंफेक्शन में जलन, दर्द, बदबूदार पेशाब और बुखार जैसे लक्षण अधिक दिखाई दे सकते हैं।

पेशाब में खून, तेज दर्द, बुखार या पेशाब पूरी तरह बंद होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या बढ़ा हुआ प्रोस्टेट कैंसर होता है?

नहीं। BPH और प्रोस्टेट कैंसर अलग-अलग स्थितियां हैं। प्रोस्टेट का बढ़ना आम है और इसका मतलब कैंसर होना नहीं है। फिर भी लगातार लक्षणों की जांच जरूरी है, क्योंकि इनके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।

प्रोस्टेट की जांच कैसे होती है?

डॉक्टर लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर जांच की सलाह देते हैं।

  • Ultrasound: प्रोस्टेट का आकार और ब्लैडर में बचा पेशाब पता करने के लिए।
  • Uroflowmetry: पेशाब की धार और प्रवाह की गति जांचने के लिए।
  • Urine और Blood Test: इंफेक्शन या अन्य कारणों का पता लगाने के लिए।
  • PSA Test: प्रोस्टेट से जुड़ी स्थितियों के मूल्यांकन के लिए।

PSA बढ़ने का मतलब सीधे तौर पर कैंसर नहीं होता। इसकी रिपोर्ट को अन्य जांचों के साथ समझा जाता है।

क्या बिना सर्जरी इलाज संभव है?

हल्के या मध्यम लक्षणों में डॉक्टर दवाओं से राहत देने की कोशिश कर सकते हैं। प्रोस्टेट का आकार, लक्षणों की गंभीरता और ब्लैडर की स्थिति के आधार पर इलाज तय होता है।

कुछ मरीजों में Rezum, UroLift और iTIND जैसे कम इनवेसिव विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। इनमें भाप, छोटे इम्प्लांट या अस्थायी डिवाइस की मदद से पेशाब के रास्ते की रुकावट कम करने की कोशिश की जाती है।

इनमें से कौन सा उपचार सही है, यह डॉक्टर ही तय करते हैं।

लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव

  • सोने से पहले ज्यादा पानी न पिएं।
  • चाय, कॉफी और शराब का सेवन सीमित करें।
  • पेशाब को लंबे समय तक न रोकें।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि करें।
  • कब्ज का इलाज कराएं।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

पेशाब पूरी तरह बंद हो जाए, पेशाब में खून आए, तेज दर्द या बुखार हो, बार-बार इंफेक्शन हो या लक्षण तेजी से बढ़ रहे हों, तो तुरंत यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें।

निष्कर्ष

प्रोस्टेट बढ़ना उम्र के साथ आम हो सकता है, लेकिन पेशाब से जुड़ी लगातार परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कमजोर धार, पेशाब शुरू होने में देरी, ब्लैडर खाली न होने का एहसास और रात में बार-बार पेशाब आना जांच की जरूरत का संकेत हो सकते हैं।

हर मरीज को सर्जरी की जरूरत नहीं होती। दवाओं, लाइफस्टाइल बदलाव और आधुनिक कम इनवेसिव उपचारों से भी कई मामलों में राहत मिल सकती है।

डिस्क्लेमर

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है और चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी जांच या इलाज से पहले डॉक्टर से सलाह लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा शुरू या बंद न करें। गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

contact.satyareport@gmail.com

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