
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले से अंधविश्वास से जुड़ी एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। नोवामुंडी प्रखंड के दुईआ गांव में रक्षाबंधन की रात एक महिला पर कथित तौर पर डायन होने का आरोप लगाकर उसकी जान लेने की कोशिश की गई। महिला ने किसी तरह आरोपी के चंगुल से खुद को छुड़ाया और भागकर पंचायत के मुखिया के घर पहुंची, जहां उसने पूरी घटना बताई।
घटना 28 अगस्त की रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। पीड़िता की पहचान दुईआ गांव की 35 वर्षीय मंजू गोप के रूप में हुई है। महिला का आरोप है कि गांव का ही राम गोप उर्फ ऊंतू गोप पिछले कुछ दिनों से उसे डायन कहकर परेशान कर रहा था।
काम से लौट रही थी महिला, रास्ते में किया हमला
मंजू गोप के अनुसार, वह गांव में एक व्यक्ति के घर काम करने के बाद रात करीब आठ बजे अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में राम गोप खड़ा मिला।
आरोप है कि उसने अचानक मंजू पर हमला कर दिया और उसे जमीन पर पटक दिया। इसके बाद आरोपी ने उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की।
अचानक हुए हमले से महिला घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं छोड़ी। उसने खुद को बचाने के लिए आरोपी का विरोध किया और काफी संघर्ष के बाद उसके चंगुल से निकलने में कामयाब रही।
गले पर चोट के निशान, डर के साए में पीड़िता
गला दबाए जाने के कारण मंजू के गले पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। आरोपी से बचने के बाद वह सीधे अपने घर नहीं गई, बल्कि डर के कारण भागकर गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल के घर पहुंची।
वहां उसने मुखिया को पूरी घटना बताई और मदद की गुहार लगाई। घटना के बाद से महिला काफी डरी और सहमी हुई बताई जा रही है।
‘कई दिनों से डायन कहकर लगा रहा था आरोप’
पीड़िता का आरोप है कि राम गोप पिछले कई दिनों से उस पर डायन होने का आरोप लगा रहा था। मंजू के मुताबिक, इसी अंधविश्वास के चलते उसकी हत्या करने की कोशिश की गई।
गांव में इस घटना की जानकारी फैलने के बाद लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई। ग्रामीणों के लिए भी यह घटना चिंता का विषय बनी हुई है।
पुलिस में शिकायत देने की तैयारी
पीड़िता ने बताया है कि वह 29 अगस्त को छोटानागरा थाना पहुंचकर आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराएगी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच करेगी और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
अंधविश्वास के नाम पर किसी महिला को प्रताड़ित करना या उसकी जान लेने की कोशिश करना गंभीर अपराध है। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और आरोपी के खिलाफ कौन-कौन सी कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जाती है।



