
रायबरेली: जिले के सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के मलकेगांव से लेखपाल पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि बारिश में उसका कच्चा मकान गिर गया था। मकान गिरने के बाद सरकारी मुआवजा पाने के लिए लेखपाल की रिपोर्ट लगनी थी, लेकिन लेखपान की नियत बदल गई।
पीड़िता का दावा है कि रिपोर्ट लगाने के बदले लेखपाल दिनेश सविता ने उससे रुपये की मांग की। आरोप है कि जब पीड़िता ने पैसे देने में असमर्थता जताई तो लेखपाल ने कथित तौर पर उससे अपनी बेटी भेजने को कहा।
मुआवजे की रिपोर्ट के लिए मांगे रुपये
पीड़िता के मुताबिक, बारिश के दौरान उसका कच्चा मकान गिर गया था। इसके बाद मुआवजे के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लेखपाल की रिपोर्ट जरूरी थी।
पीड़िता का आरोप है कि इसी रिपोर्ट को लगाने के नाम पर लेखपाल दिनेश सविता ने उससे रिश्वत मांगी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण जब वह रुपये नहीं दे सकी तो उसके सामने कथित तौर पर आपत्तिजनक मांग रखी गई।
‘पैसे नहीं हैं तो बेटी भेज दो’
पीड़िता ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने उससे कहा कि अगर घूस के पैसे नहीं हैं तो अपनी बेटी भेज दो। इस आरोप के सामने आने के बाद मामले को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
हालांकि, ये आरोप पीड़िता की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित लेखपाल की ओर से इस आरोप पर क्या जवाब दिया गया, इसकी जानकारी इस कॉपी में उपलब्ध नहीं है।
शिकायत के बाद अफसरों ने बताया मामला झूठा
पीड़िता ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की। हालांकि, शिकायत के बाद अफसरों ने मामले को झूठा बताया। ऐसे में पीड़िता के आरोप और अधिकारियों के रुख के बीच मामला विवाद का विषय बन गया है।
यह पूरा मामला रायबरेली के सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के मलकेगांव का बताया जा रहा है।
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