
सुलतानपुर, अमृत विचार। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को आपसी सुलहसमझौते के जरिए कई पारिवारिक एवं दीवानी विवादों का निस्तारण कराया गया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय निशा सिंह की अदालत में 10 वादकारियों ने सुलह के आधार पर अपने मुकदमों का निस्तारण कराया।
पतिपत्नी ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने पर जताई सहमति
मीडियेटर विजय सिंह ने बताया कि धनपतगंज थाना क्षेत्र के नौगंवातीर निवासी शान्ती निषाद और अयोध्या जनपद के बाबा बाजार थाना क्षेत्र निवासी उसके पति विनय कुमार का विवाह वर्ष 2022 में हुआ था। आपसी विवाद के चलते करीब एक वर्ष बाद पत्नी ने भरणपोषण का मुकदमा दाखिल किया था।
लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया, जिसके बाद दम्पत्ति ने पुराने मतभेद भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई। वहीं, बल्दीराय थाना क्षेत्र की जानकी देवी और उसके पति बंटी ने भी आपसी सुलहसमझौते के आधार पर मुकदमा समाप्त कराया।
भूमि विवाद में तय हुआ दोनों पक्षों का हिस्सा
इसी क्रम में अपर सिविल जज /न्यायिक मजिस्ट्रेट तुबा फातिमा की अदालत में ग्राम हुबदार तिवारी, ढखवा निवासी हरीशचन्द्र आदि बनाम सोहनलाल आदि के वाद का भी राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनामे के आधार पर निस्तारण कर दिया गया।
समझौते के तहत भूमि में दोनों पक्षों के एकचौथाईएकचौथाई हिस्से पर सहमति बनी। साथ ही रास्ते के उपयोग को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच व्यवस्था तय की गई। दोनों पक्षों ने भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न करने और आपसी सहमति से समझौते का पालन करने पर सहमति जताई। वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता डीआर पाल तथा प्रतिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता उमेश चन्द्र पाण्डेय ने सुलहनामे पर पक्षकारों के हस्ताक्षर प्रमाणित किए।
लोक अदालत से पक्षकारों को मिली न्यायिक प्रक्रिया से राहत
लोक अदालत में सुलहसमझौते के माध्यम से विवादों के निस्तारण से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से भी राहत मिली।



