
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी जोड़तोड़ से तैयारियों में जुट गई है। इस कड़ी में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव गुरुवार को रायबरेली से PDA रथ यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं। सपा का इस PDA रथ यात्रा को लेकर यूपी की सियासत गरमा गई है।
भाजपा नेता और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री दयाशंकर सिंह ने PDA को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। वहीं कांग्रेस नेता उदित राज ने यात्रा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामाजिक न्याय के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस साथ मिलकर आगे बढ़ेंगी।
दयाशंकर सिंह बोले पहले स्पष्ट करें PDA है क्या
दयाशंकर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव खुद PDA को लेकर स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कभी PDA का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताया जाता है तो कभी इसकी अलग व्याख्या सामने आती है। दयाशंकर सिंह ने इसे समाजवादी पार्टी का राजनीतिक नारा बताते हुए सपा की विचारधारा को परिवारवाद से जोड़कर टिप्पणी की।
भाजपा नेता ने अखिलेश यादव के PDA रथ के भगवा रंग में होने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भगवा रंग के प्रति लोगों के आकर्षण को देखते हुए रथ को भी भगवा रंग में तैयार किया गया है। दयाशंकर सिंह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार फिर बनेगी।
उदित राज बोले सामाजिक न्याय का रथ मजबूत होगा
कांग्रेस नेता उदित राज ने अखिलेश यादव की PDA यात्रा को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सामाजिक न्याय और PDA के रथ की शुरुआत कर रहे हैं। उदित राज के मुताबिक, सपा और कांग्रेस इसी फार्मूले पर मिलकर आगे बढ़ेंगी, जिस तरह दोनों दलों ने लोकसभा चुनाव में साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।
बछरावां से शुरू होगी PDA रथ यात्रा
अखिलेश यादव 24 सितंबर को रायबरेली से PDA रथ लेकर निकलेंगे। कार्यक्रम के अनुसार, वह बछरावां क्षेत्र के चुरुआ से यात्रा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद हरचंदपुर के सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इसके बाद रायबरेली शहर में भी कार्यक्रम प्रस्तावित है।
छात्र विवाद के बाद रायबरेली पहुंच रहे अखिलेश
अखिलेश यादव का रायबरेली दौरा फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में 17 सितंबर को समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी से जुड़े छात्रों के बीच हुए विवाद के बाद हो रहा है। इस मामले को लेकर सपा नेताओं ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। अखिलेश यादव के दौरे को इस घटनाक्रम के मद्देनजर भी देखा जा रहा है।



