
बाराबंकी, अमृत विचार : श्री दिगम्बर जैन मंदिर बाराबंकी की ओर से दशलक्षण महापर्व के समापन पर क्षमावाणी पर्व के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा दिगम्बर जैन मंदिर से शुरू होकर नागेश्वरनाथ मंदिर, सट्टी बाजार, घंटाघर, धनोखर और छाया होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर समाप्त हुई। शोभायात्रा में मुनि श्री सौम्य सागर जी के साथ भगवान पार्श्वनाथ का रथ और हजारों श्रद्धालु भावनृत्य करते हुए शामिल हुए। नासिक से आए बैंड और डीजे आकर्षण का केंद्र रहे।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुनि श्री सौम्य सागर जी ने कहा कि क्षमावाणी पर्व पर सभी एकदूसरे से क्षमा मांगते हैं, लेकिन आज उन लोगों से भी क्षमा मांगें, जिनसे बोलचाल और रिश्तों के सभी दरवाजे बंद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि बड़े व्यक्ति से पैर छूकर क्षमा मांगने से मन में भरा कड़वापन कम होता है और व्यक्ति स्वयं को बेहतर महसूस करता है।
क्षमा वीरों का आभूषण और प्रेम आत्मा की पहचान है। रथ में सारथी बनने का सौभाग्य विशाल जैन व मोनी जैन परिवार को, जबकि कुबेर बनने का सौभाग्य मोहित कुमार जैन, अन्जय कुमार और नीलेश जैन को मिला। कार्यक्रम में वीरेंद्र कुमार जैन, अतुल जैन, आदित्य जैन, राहुल जैन समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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