One Ticket, One Original ID! अब ट्रेन में सिर्फ टिकट दिखाना काफी नहीं होगा. रेलवे यात्रियों के दस्तावेजों की भी सख्ती से जांच करने जा रहा है. अगर आप ट्रेन से सफर करने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है.

सेंट्रल रेलवे में 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान टिकट के साथ यात्रियों की ओरिजिनल आईडी भी चेक की जाएगी. खास बात यह है कि जिन यात्रियों ने कंसेशन कोटा, ईपास या दूसरी रियायती सुविधाओं के तहत टिकट बुक कराया है, उनके दस्तावेजों की भी जांच होगी. रेलवे यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इन सुविधाओं का इस्तेमाल सही यात्री ही कर रहे हैं.
इस अभियान का मकसद फर्जी टिकट, गलत तरीके से रियायत लेने और रेलवे की कमाई को हो रहे नुकसान को रोकना है. ऐसे में अगर आप ट्रेन से सफर करने जा रहे हैं, तो टिकट के साथ अपनी ओरिजिनल आईडी और रियायत से जुड़े जरूरी दस्तावेज जरूर रखें. खासकर तब, जब आपने किसी विशेष कोटे या पास के तहत टिकट लिया है.
एक टिकट पर सफर कर रहे यात्रियों के लिए ID जरूरी
अगर कई यात्री एक ही पर सफर कर रहे हैं, तो ग्रुप में कम से कम एक व्यक्ति के पास वैध ID प्रूफ होना जरूरी है. यह नियम सामान्य टिकट और किसी छूट के तहत बुक किए गए टिकट, दोनों पर लागू होगा. अगर टिकट चेक करते समय जरूरी ID नहीं दिखाई गई, तो उस टिकट पर सफर कर रहे सभी यात्रियों को बिना वैध टिकट के यात्रा कर रहा माना जा सकता है. ऐसे में यात्रियों पर जुर्माना भी लग सकता है.
छूट या खास कोटे वाले यात्रियों की जांच भी ID से होगी. यानी सिर्फ टिकट दिखाने से काम नहीं चलेगा, जरूरत पड़ने पर यह भी देखा जाएगा कि यात्री उस छूट या कोटे के लिए योग्य है या नहीं.
ePass और PTO वालों के लिए भी जरूरी है ID
और उनके परिवार के लोग कई बार ePass या Privilege Ticket Order के जरिए मुफ्त या कम किराए में यात्रा करते हैं. ऐसे यात्रियों के लिए भी ID को लेकर नियम सख्त किए गए हैं.
Central Railway के मुताबिक, ePass या PTO पर सफर करने वाले यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान अपना असली ID प्रूफ साथ रखना होगा. ट्रेन में चढ़ने से पहले ePass या PTO को सही तरीके से Authority to Travel में बदलना भी जरूरी होगा. अगर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो यात्री पर बिना वैध टिकट यात्रा करने जैसा जुर्माना या दूसरी कार्रवाई हो सकती है.
बिना रिजर्वेशन वाले टिकट भी जांच के दायरे में
रेलवे की जांच सिर्फ रिजर्वेशन या छूट वाले टिकटों तक सीमित नहीं रहेगी. बिना रिजर्वेशन वाले टिकट भी चेक किए जाएंगे. अगर किसी टिकट पर शक होता है, तो रेलवे कर्मचारी TTE ऐप की मदद से मौके पर ही उसकी जांच कर सकते हैं. रेलवे का मकसद फर्जी टिकट, गलत तरीके से मिलने वाली छूट और पास के गलत इस्तेमाल को रोकना है. इसके साथ ही रेलवे को होने वाले राजस्व के नुकसान को भी कम करना इसका एक मकसद है.
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
1 अक्टूबर से पहले यात्रियों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. सफर के दौरान हमेशा अपना वैध और असली ID प्रूफ साथ रखें. अपने टिकट पर मिलने वाली छूट और उससे जुड़ी शर्तों को अच्छी तरह समझ लें. अगर आप किसी पास या कंसेशन के जरिए यात्रा कर रहे हैं, तो ट्रेन में चढ़ने से पहले जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर लें.
अक्टूबर के दौरान टिकट और ID की जांच ज्यादा सख्ती से की जा सकती है, इसलिए सफर से पहले सभी जरूरी दस्तावेज अपने पास रखना बेहतर होगा.



