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क्रीम लगाने के बाद भी नहीं ठीक हो रहीं फटी एड़ियां? जिंक या विटामिन की कमी ही नहीं, इन बीमारियों से भी हो सकती है परेशानी

क्रीम लगाने के बाद भी नहीं ठीक हो रहीं फटी एड़ियां? जिंक या विटामिन की कमी ही नहीं, इन बीमारियों से भी हो सकती है परेशानी

सर्दियों में एड़ियों का फटना आम समस्या है, लेकिन अगर पूरे साल एड़ियां रूखी और फटी रहती हैं और नियमित मॉइस्चराइजर लगाने के बावजूद ठीक नहीं होतीं, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। अक्सर लोग इसे केवल त्वचा से जुड़ी परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, लगातार फटी एड़ियां कभी-कभी त्वचा की बीमारी या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती हैं।

हाल ही में एक कायरोप्रैक्टर ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि फटी एड़ियां शरीर में जिंक और स्वस्थ वसा की कमी का संकेत हो सकती हैं। जिंक त्वचा की कोशिकाओं के निर्माण और घाव भरने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, कुछ विटामिन भी त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ एड़ियां फटने के आधार पर शरीर में किसी खास पोषक तत्व की कमी मान लेना सही नहीं है।

क्या जिंक और विटामिन की कमी से फटती हैं एड़ियां?

जिंक शरीर के लिए जरूरी खनिज है। यह कोशिकाओं के विकास, त्वचा की मरम्मत और घाव भरने की सामान्य प्रक्रिया में मदद करता है। इसकी गंभीर कमी होने पर त्वचा में बदलाव और घाव भरने में परेशानी हो सकती है। इसी तरह, विटामिन सी कोलेजन के निर्माण में मदद करता है, जबकि विटामिन ई त्वचा की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में भूमिका निभाता है। विटामिन बी3 भी त्वचा के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है।

हालांकि, इन पोषक तत्वों की कमी और फटी एड़ियों के बीच सीधा संबंध हर व्यक्ति में साबित नहीं होता। जिंक या आवश्यक फैटी एसिड की गंभीर कमी त्वचा को प्रभावित कर सकती है, लेकिन केवल एड़ियों में दरारें होने से इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। इसलिए बिना जांच के जिंक, विटामिन या अन्य सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।

फटी एड़ियों के पीछे क्या हो सकते हैं कारण?

विशेषज्ञों के अनुसार, एड़ियां फटने के पीछे रोजमर्रा की आदतों से लेकर कुछ स्वास्थ्य समस्याएं तक जिम्मेदार हो सकती हैं।

1. लंबे समय तक खड़े रहना: लगातार खड़े रहने से एड़ियों पर दबाव बढ़ता है। इससे त्वचा फैल सकती है और सूखी त्वचा में दरारें पड़ने लगती हैं।

2. मोटापा: शरीर का अधिक वजन एड़ियों पर दबाव बढ़ा सकता है, जिससे त्वचा के फटने का जोखिम बढ़ सकता है।

3. नंगे पैर चलना या खुले जूते पहनना: इससे एड़ियों की त्वचा को पर्याप्त सहारा नहीं मिलता और नमी कम होने के साथ दरारें बढ़ सकती हैं।

4. बढ़ती उम्र और रूखी त्वचा: उम्र के साथ त्वचा की नमी और लचीलापन कम हो सकता है। इससे एड़ियों में दरारें पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।

5. गर्म पानी और कठोर साबुन: बार-बार बहुत गर्म पानी से पैर धोना या तेज साबुन का इस्तेमाल त्वचा की प्राकृतिक नमी कम कर सकता है।

6. त्वचा संबंधी बीमारियां: एक्जिमा, सोरायसिस और कुछ फंगल संक्रमणों में त्वचा रूखी, पपड़ीदार या फटी हुई दिखाई दे सकती है।

7. डायबिटीज और थायरॉयड की समस्या: डायबिटीज में त्वचा का सूखापन, नसों की क्षति और रक्त संचार से जुड़ी परेशानियां पैरों की समस्याओं को गंभीर बना सकती हैं। हाइपोथायरॉयडिज्म में भी त्वचा रूखी हो सकती है।

क्या पैरों को देखकर पोषण की कमी का पता चल सकता है?

सिर्फ पैरों या त्वचा में आए किसी एक बदलाव से शरीर में पोषक तत्वों की कमी का पता नहीं लगाया जा सकता। त्वचा का रूखापन और दरारें कई अलग-अलग कारणों से हो सकती हैं।

डॉक्टर समस्या की अवधि, खानपान, अन्य लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानकारी लेते हैं। जरूरत पड़ने पर शारीरिक जांच या कुछ लैब टेस्ट भी कराए जा सकते हैं। जिंक की जांच के परिणामों पर भी बीमारी और शरीर में सूजन जैसे कारकों का असर पड़ सकता है। इसलिए जांच के नतीजों को दूसरे लक्षणों के साथ समझना जरूरी है।

फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए क्या करें?

  • नहाने या पैर धोने के बाद एड़ियों पर गाढ़ा मॉइस्चराइजर या पेट्रोलियम जेली लगाएं।
  • त्वचा को नमी देने के लिए नियमित रूप से देखभाल करें और बहुत गर्म पानी से पैर धोने से बचें।
  • आरामदायक, सही फिटिंग वाले जूते पहनें और नंगे पैर चलने से बचें।
  • एड़ियों की मोटी त्वचा को ब्लेड या धारदार औजार से काटने की कोशिश न करें।
  • संतुलित भोजन लें, जिसमें दालें, साबुत अनाज, मेवे, बीज, फल और सब्जियां शामिल हों।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के जिंक या विटामिन सप्लीमेंट शुरू न करें।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

अगर नियमित देखभाल के बावजूद कुछ हफ्तों में एड़ियां ठीक नहीं होतीं, दरारें गहरी हो जाती हैं या चलने में दर्द होने लगता है, तो डॉक्टर से सलाह लें। दरारों से खून आना, लालिमा, सूजन, गर्माहट, पस या बढ़ता दर्द संक्रमण के संकेत हो सकते हैं।

डायबिटीज, खराब रक्त संचार या पैरों में संवेदना कम होने की समस्या वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे मामलों में छोटी दरार भी गंभीर घाव का रूप ले सकती है। यदि संक्रमण के संकेत दिखाई दें, तो जल्द चिकित्सा सहायता लें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और उपलब्ध वैज्ञानिक समझ पर आधारित है। फटी एड़ियां हमेशा पोषक तत्वों की कमी का संकेत नहीं होतीं। लगातार परेशानी होने पर डॉक्टर से जांच कराएं और उनकी सलाह के बिना सप्लीमेंट या उपचार शुरू न करें।

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