
दिल्ली: छोटी उम्र में जहां बच्चे स्कूल से लौटने के बाद खेलने-कूदने और दोस्तों के साथ समय बिताने में लगे रहते हैं, वहीं दिल्ली का 15 साल का एक बच्चा पढ़ाई के साथ परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाने के लिए शाम को भेलपुरी बेचता है। उसकी मेहनत और पढ़ाई जारी रखने के जज्बे की चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह बच्चा सातवीं कक्षा में पढ़ता है। दिन में वह स्कूल जाकर पढ़ाई करता है और शाम होते ही साइकिल लेकर भेलपुरी बेचने निकल पड़ता है। इस तरह वह अपनी पढ़ाई के साथ काम भी कर रहा है।
मेहनत देखकर भावुक हुए लोग
बच्चे की कहानी गुंजन अग्रवाल गुप्ता की ओर से साझा की गई एक पोस्ट के जरिए सामने आई। इसमें उसकी दिनचर्या और मेहनत को देखकर कई लोग भावुक हो गए। पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों ने देखा और बच्चे के प्रति अपना समर्थन जताया।
रिपोर्ट के अनुसार, पोस्ट को 14 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। कई यूजर्स ने बच्चे की मेहनत की सराहना की, जबकि कुछ लोगों ने उसकी मदद करने की इच्छा भी जाहिर की।
पढ़ाई के साथ काम करने का जज्बा बना चर्चा का विषय
कम उम्र में पढ़ाई और काम के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता। ऐसे में इस बच्चे की दिनचर्या ने लोगों का ध्यान खींचा है। उसकी कहानी को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और उसके बेहतर भविष्य की कामना कर रहे हैं।
हालांकि, बच्चे की पारिवारिक परिस्थितियों, काम करने की वजह और उसे मिलने वाली मदद के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। उसकी कहानी एक ओर मेहनत और जिम्मेदारी का उदाहरण बनकर सामने आई है, तो दूसरी ओर यह भी याद दिलाती है कि हर बच्चे को पढ़ाई के साथ सुरक्षित बचपन और आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए।
Satya Report नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। बच्चे की पारिवारिक परिस्थितियों से जुड़े सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।



