
आजमगढ़, उत्तर प्रदेश: जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में 30 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से हमला कर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। युवक मंगलवार दोपहर से लापता था। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन बुधवार सुबह गौरी नहर के किनारे उसका शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
मंगलवार से लापता था शाहरुख
मृतक की पहचान गौरी ग्राम पंचायत निवासी शाहरुख खान (30), पुत्र मुस्तफा के रूप में हुई है। वह डबलरोटी बेचकर अपनी आजीविका चलाता था। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर वह घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने गांव और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की। देर रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।
सुबह नहर किनारे मिला शव
बुधवार सुबह गौरी नहर के किनारे स्थानीय लोगों ने एक युवक का शव देखा। सूचना मिलने पर ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। शव की पहचान शाहरुख खान के रूप में हुई। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के गंभीर घाव मिले। शुरुआती जानकारी के अनुसार, युवक की हत्या की आशंका है।
बेकरी से जुड़ी जानकारी की भी जांच
परिजनों के मुताबिक, शाहरुख डबलरोटी बेचने के लिए जिस बेकरी से सामान खरीदता था, वह मंगरावा निवासी अरशद की बताई गई है। परिवार का कहना है कि युवक उसी दुकान से जुड़ा था और वहीं से उसके लापता होने की बात सामने आई। परिजनों ने दुकानदार से शाहरुख के बारे में पूछताछ करने की बात भी कही है। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम जुटी जांच में
घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्राधिकारी ईश्वर चंद्र गुर्जर सहित पुलिस, फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर मामले की जांच की जा रही है। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक की हत्या किसने और किन परिस्थितियों में की।
बताया गया है कि शाहरुख तीन भाइयों में सबसे छोटा था और उसे सुनने में भी परेशानी थी। घटना के बाद परिवार सदमे में है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और आरोपियों के संबंध में जांच पूरी होने का इंतजार है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। हत्या के कारणों और जिम्मेदार व्यक्तियों को लेकर पुलिस जांच जारी है। किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता जांच में पुष्टि होने से पहले उसे दोषी नहीं माना जाना चाहिए।



