
ढाका, बांग्लादेश: उधार में बाल काटने से इनकार करना एक सैलून मालिक के लिए जानलेवा साबित हुआ। बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में 43 वर्षीय हिंदू व्यक्ति रबेंद्र ऋषि की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पैसे को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया। मृतक की पत्नी ने दावा किया कि आरोपी पहले भी उनके पति को धमकाता था। इसी बीच रंगपुर जिले में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुए विवाद के बाद तीन हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटना भी सामने आई है। इन दोनों घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
उधार में बाल काटने से इनकार पर खूनी हमला
पहली घटना बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिला की है। यहां रबेंद्र ऋषि सैलून चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। रिपोर्टों के मुताबिक, सद्दाम नाम का आरोपी कथित तौर पर अक्सर बिना पैसे दिए बाल कटवाता था। उस पर रबेंद्र से नशीले पदार्थ खरीदने के लिए पैसे मांगने का भी आरोप है।
बताया गया है कि मंगलवार शाम को जब रबेंद्र ने उधार में बाल काटने से इनकार कर दिया, तो आरोपी नाराज हो गया। इसके बाद उसने धारदार हथियार से रबेंद्र पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल रबेंद्र ने बचने के लिए वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उनका पीछा किया।
जान बचाने के लिए भागे, फिर भी नहीं बच सके
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घायल रबेंद्र पास की एक दुकान और फिर एक घर के आंगन की ओर भागे। आरोप है कि हमलावर ने वहां भी उन पर कई वार किए। अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
पत्नी ने पहले धमकी मिलने का किया दावा
रबेंद्र की पत्नी सुचित्रा ने आरोप लगाया कि सद्दाम काफी समय से उनके पति को परेशान कर रहा था। उनके मुताबिक, दुर्गा पूजा से पहले भी आरोपी ने धमकी दी थी कि पूजा के बाद उन्हें अपने पति की लाश मिलेगी।
पत्नी के इस दावे की जांच किया जाना महत्वपूर्ण है। फिलहाल, हत्या के पीछे की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद तीन हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़
दूसरी घटना बांग्लादेश के रंगपुर जिले के पीरगंज उपजिला स्थित चक्र करीमपुर गांव की बताई गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार रात सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुए विवाद के बाद तीन हिंदू परिवारों के घरों पर हमला किया गया।
ये घर तीन भाइयों बिशु चंद्र महंता, जगदीश चंद्र महंता और दिनेश चंद्र महंता के बताए गए हैं। आरोप है कि हमलावरों ने घरों के दरवाजे, दीवारें, फर्नीचर और टेलीविजन सहित कई सामान तोड़ दिए। घरों में रखी कीमती वस्तुएं भी लूट ली गईं। इसके अलावा बिशु की दो बकरियां चोरी किए जाने का भी आरोप है।
जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागे परिवार
पीड़ित जगदीश की पत्नी आरती रानी के अनुसार, जब हमलावर उनके घर में घुसे तो उन्होंने हाथ जोड़कर उनसे ऐसा नहीं करने की गुहार लगाई। इसके बावजूद कथित तौर पर हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद परिवार को अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा।
इस घटना में हुए नुकसान और हमले में शामिल लोगों की पहचान को लेकर विस्तृत जांच की आवश्यकता है।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
बांग्लादेश में सामने आई इन दोनों घटनाओं ने हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक मामले में सैलून मालिक की हत्या हुई, जबकि दूसरे में तीन हिंदू परिवारों के घरों को निशाना बनाए जाने का आरोप है।
हालांकि, दोनों घटनाएं अलग-अलग जिलों में हुई हैं और उनके कारण भी अलग बताए गए हैं। इसलिए इनके बीच किसी साझा साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी से ही इन मामलों के सभी पहलू स्पष्ट हो सकेंगे।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और प्रारंभिक जानकारियों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों, घटनाक्रम और संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से पूरी तरह नहीं हो सकी है।



