बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में अहम समीक्षा बैठक की. आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन को मजबूत करने के मकसद से बुलाई गई इस बैठक में बड़ा फैसला लिया गया. बसपा अब 6 दिसंबर 2026 को लखनऊ में महारैली आयोजित करेगी. यह रैली डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ के आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर होगी.

बैठक में मायावती ने रैली को ऐतिहासिक बनाने को कहा. उन्होंने कहा कि यह रैली अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी. मायावती ने पदाधिकारियों से कहा कि उस दिन केवल रैली स्थल ही नहीं, बल्कि पूरा लखनऊ भीड़ से भर जाएगा. उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रैली की सफलता के लिए पूरी ताकत झोंकने के निर्देश दिए.
2027 चुनाव की तैयारियों पर हुई समीक्षा
मायावती की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्टी के प्रदेश स्तर के पदाधिकारी, मंडल प्रभारी, भाईचारा समितियों के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिला अध्यक्ष शामिल हुए. बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना रहा. मायावती ने पदाधिकारियों से संगठन की मौजूदा स्थिति का फीडबैक लिया. उन्होंने बूथ स्तर तक पार्टी को सक्रिय करने और सर्वसमाज के लोगों को बसपा से जोड़ने पर जोर दिया. इसमें खास तौर पर गरीब और कमजोर वर्गों को पार्टी से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई.
उम्मीदवारों के चयन पर भी फीडबैक
बैठक में विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी फीडबैक लिया गया. जिला अध्यक्षों और मंडल प्रभारियों से अपनेअपने क्षेत्रों की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति की जानकारी ली गई. पार्टी की चुनावी तैयारियों, बूथ स्तर पर सक्रियता और भाईचारा समितियों की भूमिका पर भी चर्चा हुई. बसपा की ओर से संगठन को मजबूत करने के साथ सर्वसमाज तक पहुंच बनाने पर जोर दिया जा रहा है. बैठक में मिले फीडबैक के आधार पर आगे की चुनावी तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं.
आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
6 दिसंबर को होने वाली महारैली को बसपा ने अपनी आगामी चुनावी तैयारियों का अहम कार्यक्रम बनाया है. डॉ. आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित होने वाली इस रैली के लिए पार्टी के सभी जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को जुटने के निर्देश दिए गए हैं. मायावती ने साफ कहा कि रैली को सफल बनाने के लिए सभी पदाधिकारी पूरी ताकत लगाएं. उन्होंने रैली को ऐतिहासिक बनाने और अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ने का लक्ष्य रखा है. अब पार्टी के सामने अगले एक महीने में प्रदेश के सभी जिलों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जुटाने की तैयारी होगी.



