एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि साइबर ठगी के आरोप अरबाज उर्फ सोनू, नबील अख्तर खान और हैदर को गिरफ्तार किया गया है.
Satya Report: एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि यह गिरोह ठगी की रकम में से अपना कमीशन काटता था और बाकी पैसे को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भेज देता था. पकड़े गए आरोपियों का नेटवर्क इतना गहरा है कि वे इस रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेशों में ट्रांसफर कर देते थे.
सुवालीन की शिकायत पर हुई कार्रवाई: इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब लालकुर्ती थाना क्षेत्र के बैंक स्ट्रीट निवासी सुवालीन ने पुलिस में साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए 13 अप्रैल को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू कर दी. गहन छानबीन और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों अरबाज उर्फ सोनू, नबील अख्तर खान और हैदर को दबोच लिया. ये तीनों ही आरोपी मेरठ शहर के ही रहने वाले हैं और काफी समय से इस काले धंधे में लिप्त थे.
100 बैंक खातों का हुआ इस्तेमाल: एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों ने अब तक लगभग 100 बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को रूट करने के लिए किया है. जब पुलिस ने एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर इन खातों की जांच की, तो पता चला कि इनके खिलाफ अन्य राज्यों में भी कई शिकायतें दर्ज हैं. आरोपी गरीब लोगों को कुछ हजार रुपयों का लालच देते थे ताकि उनके दस्तावेजों पर खाते खुलवाए जा सकें. इन खातों में जैसे ही ठगी का पैसा आता था, आरोपी उसे तुरंत निकाल कर क्रिप्टोकरेंसी में तब्दील कर देते थे. .
हैदर का पुराना आपराधिक इतिहास: पकड़े गए आरोपियों में हैदर पहले भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुका है और उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं. हालांकि, अरबाज उर्फ सोनू और नबील अख्तर खान का पिछला कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है और वे पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. इस गिरोह का एक मुख्य सदस्य अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और वह फरार चल रहा है. पुलिस टीमें फरार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है



