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लेंसकार्ट को महंगा पड़ा बिंदी, तिलक विवाद! शेयर बाजार में झट से डूबे 4500 करोड़

Satya Report: देश की बड़ी आईवियर ​कंपनी में से एक लेंसकार्ट सॉल्यूशंस को बिंदी, तिलक से जुड़ा विवाद काफी महंगा पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. सोमवार को शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में काफी गिरावट देखने को मिली. जिसकी वजह से कंपनी की वैल्यूएशन 4500 करोड़ रुपए से ज्यादा कम हो गई. हाल ही में कंपनी की एक पुरानी इंटरनल ग्रूमिंग पॉलिसी ऑनलाइन सर्कुलेट हुई थी, जिसकी वजह से कंपनी की कड़ी आलोचना हुई. यह पॉलिसी दिखाई देने वाले धार्मिक पहनावे पर रोक लगाती है.

लेंसकार्ट को महंगा पड़ा बिंदी, तिलक विवाद! शेयर बाजार में झट से डूबे 4500 करोड़
लेंसकार्ट को महंगा पड़ा बिंदी, तिलक विवाद! शेयर बाजार में झट से डूबे 4500 करोड़

आरोप था कि इस पॉलिसी में कर्मचारियों को कुछ खास धार्मिक निशान, खासकर बिंदी और तिलक लगाने से रोका गया था, जिससे लोगों में गुस्सा भड़क उठा और कंपनी के बायकॉट की मांग उठने लगी. कंपनी को कंपनी को सोशल मीडिया पर ऑनलाइन विरोध का भी सामना करना पड़ रहा था. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर कंपनियों के शेयरों में कितनी गिरावट देखने को मिली और कंपनी को कितना नुकसान हो गया.

कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयरों में कारोबारी सत्र के दौरान करीब 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. जिसकी वजह से कंपनी के शेयर कारोबारी सत्र के दौरान 508.70 रुपए के लोअर लेवल पर आ गए. वैसे कंपनी का शेयर सुबह 530.05 रुपए पर ओपन हुआ था और पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन कंपनी का शेयर 534.85 रुपए पर बंद हुआ था. वैसे दोपहर करीब 3 बजे कंपनी का शेयर करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ 530.60 रुपए पर कारोबार कर रहा है. इसका मतलब है कि कंपनी के शेयरों में रिकवरी देखने को मिली है.

कंपनी को 4500 करोड़ का नुकसान

अगर बात कंपनी के नुकसान की करें तो कारोबारी सत्र के दौरान 4500 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है. आंकड़ों को देखें तो जब कंपनी का शेयर दिन के लोअर लेवल पर पहुंच गया था तब कंपनी की वैल्यूएशन 88,331.48 करोड़ रुपए पर आ गई थी. जबकि पिछले हफ्ते के कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का वैल्यूएशन 92,872.20 करोड़ रुपए पर था. इसका मतलब है कि कंपनी की वैल्यूएशन में कारोबारी सत्र के दौरान 4,540.72 करोड़ रुपए की कमी देखने को मिली. वैसे अब इसमें काफी रिकवरी देखने को मिल चुकी है और दोपहर 3 बजे कंपनी का वैल्यूएशन 92,038.73 करोड़ रुपए पर देखने को मिल रहा है.

Lenskart ने माफी मांगी, सफाई दी

कुछ दिन पहले इस हंगामे पर बात करते हुए, Lenskart के फाउंडर Peyush Bansal ने साफ किया कि जो डॉक्यूमेंट वायरल हो रहा है, वह “पुराना वर्जन” है और कंपनी के मौजूदा रुख को नहीं दिखाता है. Bansal ने कहा कि मैं सीधे तौर पर कहना चाहता हूं कि यह डॉक्यूमेंट हमारी मौजूदा गाइडलाइंस को नहीं दिखाता है. हमारी पॉलिसी में किसी भी तरह के धार्मिक पहनावे या निशान पर कोई रोक नहीं है, जिसमें बिंदी और तिलक भी शामिल हैं. उन्होंने इस स्थिति की वजह से हुई गलतफहमी और चिंता के लिए माफी भी मांगी. .

नई इन-स्टोर स्टाइल गाइड जारी

बाद में Lenskart ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी और एक स्टैंडर्ड ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ जारी किया, जिसमें कर्मचारियों को काम के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की इजाजत दी गई है. नई पॉलिसी में टीम के सदस्यों द्वारा पहने जाने वाले सभी धार्मिक प्रतीकों का “साफ तौर पर और बिना किसी शक के” स्वागत किया गया है, जिनमें बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी शामिल हैं. कंपनी ने कहा कि अगर हमारे काम की जगह से जुड़े किसी भी कम्युनिकेशन से किसी को ठेस पहुंची है, या हमारे किसी भी टीम मेंबर को ऐसा लगा है कि उनके धर्म का यहां स्वागत नहीं है, तो हमें इसका गहरा अफसोस है. Lenskart ऐसी कंपनी नहीं है, और न ही हम कभी ऐसे बनेंगे.

contact.satyareport@gmail.com

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