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‘धुरंधर’ ने मुझसे बहुत कुछ छीन लिया: रणवीर सिंह ने बिजनेस फाउंडर से बताया- अलाउद्दीन खिलजी से ज्यादा मुश्किल था हमजा का रोल

Satya Report: रणवीर सिंह ने अपनी नई फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर पहली बार खुलकर बात की है, और बताया कि इसमें निभाया गया उनका किरदार हमज़ा/जसकीरत सिंह रंगी उनके करियर का अब तक का सबसे कठिन रोल रहा है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने खुद स्वीकार किया कि यह रोल उनके पहले के सबसे डार्क और चुनौतीपूर्ण किरदार अलाउद्दीन खिलजी से भी ज्यादा डिमांडिंग था।

‘धुरंधर’ ने मुझसे बहुत कुछ छीन लिया: रणवीर सिंह ने बिजनेस फाउंडर से बताया- अलाउद्दीन खिलजी से ज्यादा मुश्किल था हमजा का रोल
‘धुरंधर’ ने मुझसे बहुत कुछ छीन लिया: रणवीर सिंह ने बिजनेस फाउंडर से बताया- अलाउद्दीन खिलजी से ज्यादा मुश्किल था हमजा का रोल

रणवीर के बिज़नेस पार्टनर निकुंज बियानी ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने रणवीर से पूछा कि क्या वे खिलजी जैसा कोई और चुनौतीपूर्ण रोल करेंगे, तो रणवीर का जवाब था कि ‘धुरंधर’ का यह किरदार उससे भी ज्यादा मुश्किल निकला। उनके मुताबिक, इस रोल के लिए उन्हें खुद को पूरी तरह झोंकना पड़ा और यह एक कलाकार के तौर पर उनसे बहुत कुछ छीनकर ले गया। उन्होंने कहा कि इस किरदार को निभाने के लिए उन्हें 300 प्रतिशत देना पड़ा और यह अनुभव बहुत डिमांडिंग रहा।

इससे पहले, रणवीर सिंह ने 2019 में दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि अलाउद्दीन के किरदार में ढलने के लिए उन्होंने खुद को पूरी तरह दुनिया से अलग कर लिया था। उन्होंने करीब 21 दिनों तक अपने गोरेगांव वाले घर में खुद को बंद रखा, किसी से मिलनाजुलना बंद कर दिया और किरदार को समझने के लिए कई किताबें पढ़ीं। उन्होंने कहा था कि खिलजी जैसा व्यक्तित्व जिसमें लालच, महत्वाकांक्षा और चालाकी की चरम सीमा थी उससे वे खुद को जोड़ नहीं पाते थे, इसलिए उन्हें अपने अंदर के अंधेरे हिस्सों को खंगालना पड़ा।

रणवीर ने यह भी माना था कि यह प्रक्रिया उनके लिए खतरनाक साबित हुई। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने अंदर दबी हुई भावनाओं और अनुभवों को बाहर निकालना पड़ा, जो हमेशा अच्छे नहीं थे। इस किरदार के लिए उन्हें एक बेहद अंधेरी मानसिक स्थिति में जाना पड़ा, जो उनके लिए जोखिम भरा था और इसका असर उनकी निजी जिंदगी पर भी पड़ा।

हालांकि, जब उन्हें पद्मावत ऑफर हुई थी, तब कई लोगों का मानना था कि एक हीरो को एंटीहीरो का रोल नहीं करना चाहिए। लेकिन रणवीर ने इसे एक चुनौती के तौर पर लिया और निर्देशक संजय लीला भंसाली के विज़न पर भरोसा करते हुए इस किरदार को निभाया। उन्होंने इसे एक बड़ा रिस्क बताया, लेकिन फिल्म की सफलता और अपने अभिनय की सराहना ने उन्हें और बड़े जोखिम लेने का आत्मविश्वास दिया।

वहीं, निकुंज ने रणवीर सिंह के एक अलग पहलू के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि जहां दुनिया उन्हें एक हाईएनर्जी सुपरस्टार के रूप में देखती है, वहीं असल जिंदगी में वे बेहद डिटेलओरिएंटेड और सोचसमझकर काम करने वाले इंसान हैं। वह हर छोटीबड़ी चीज़ पर ध्यान देते हैं और किसी भी प्रोजेक्ट में गहराई से जुड़ते हैं।

कुल मिलाकर, धुरंधर में निभाया गया किरदार रणवीर सिंह के लिए सिर्फ एक रोल नहीं, बल्कि एक गहरा और थका देने वाला अनुभव रहा, जिसने उन्हें एक कलाकार के रूप में और भी आगे बढ़ाया।

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