NEET UG पेपर लीक 2026 केस में की जांच CBI कर रही है. CBI अब तक इस केस में 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. लेकिन इनमें सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टर पीवी कुलकर्णी की हो रही है. इस आरोपी ने रिटायरमेंट के बाद पेपर लीक केस की घटना को अंजाम दिया है. पीवी कुलकर्णी को इस केस का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. हालांकि CBI का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच जारी है आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

कौन है डॉक्टर पीवी कुलकर्णी?
NEET UG पेपर लीक केस का मास्टरमाइंड कमेस्ट्री का रिटायर्ड लेक्चरर डॉक्टर पीवी कुलकर्णी है. CBI ने प्रोफेसर को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है. पीवी कुलकर्णी, महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है, वो NTA की तरफ से नीट एग्जाम के प्रॉसेस का हिस्सा था. उसने कोचिंग के छात्रों को पेपर लीक कर सवालजवाब रटवाए थे. जानकारी के मुताबिक, केवल NEET 2026 लीक ही नहीं, गिरफ्तारी से पहले PV कुलकर्णी की तरफ से सेट किए गए हर एक पेपर के बारे में CBI ने पूछताछ की है. माना जा रहा है कि 2024 पेपर लीक और अन्य मामलों में भी उसकी संलिप्तता हो सकती है. हालांकि CBI का कहना है कि अभी पूछताछ की जा रही है.
चार साल पहले हुआ रिटायर
बताया जाता है कि पीवी कुलकर्णी ने लातूर के दयानंद विद्या महाविद्यालय/दयानंद शिक्षण संस्था में करीब 2830 साल तक पढ़ाया है. पीवी कुलकर्णी चार साल पहले रिटायर हुआ और बाद में पुणे शिफ्ट हो गया. लातूर में उसका घर अब भी मौजूद है. जांच में पता चला है कि कुलकर्णी 2011 से DEEPER से जुड़ा था. संस्था शुरुआत में शैक्षणिक गतिविधियों पर केंद्रित थी और बाद में सामाजिक कल्याण व सामुदायिक पहलों तक विस्तारित हुई. DEEPER प्रैक्टिस मॉक टेस्ट आयोजित करता है.
कुलकर्णी ने मनीषा के साथ छात्रों तक बनाई पहुंच
CBI की जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे ने कथित तौर पर पुणे, लातूर और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों के छात्रों तक नेटवर्क के जरिए पहुंच बनाई. अलगअलग जगहों पर सेमिनार आयोजित किए गए और पुराने छात्रों, खासकर इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले छात्रों का इस्तेमाल संभावित NEET अभ्यर्थियों तक पहुंचने के लिए किया गया. जांच एजेंसियों को शक है कि कोचिंग संस्थानों और मॉक टेस्ट के डेटा का इस्तेमाल अकादमिक रूप से कमजोर छात्रों की पहचान करने के लिए किया गया. अलगअलग आर्थिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों का अलग तरीके से इस्तेमाल होने की भी आशंका है.
अभिभावकों की शिकायत पर खुला राज
पुणे पुलिस सूत्रों के अनुसार, NEET परीक्षा वाले दिन मनीषा वाघमारे के खाते में ₹10 लाख ट्रांसफर हुए, जबकि कई छात्रों ने ₹25,000₹25,000 ट्रांसफर किए. इसी बीच एक अभिभावक की शिकायत के बाद लातूर की भूमिका जांच में सामने आई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने CBI को जानकारी दी. CBI टीम लातूर में मौजूद है और RCC Institute के शिवराज मोटेगावकर, कई छात्रों और अभिभावकों से पूछताछ कर चुकी है. RCC प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाला कोचिंग संस्थान है.
कुलकर्णी पर कार्रवाई
CBI ने पहले पीवी कुलकर्णी से पूछताछ की. शह गहराने पर उसे बाद में हिरासत में लिया गया. कुलकर्णी का घर फिलहाल हॉस्टल के लिए किराए पर दिया गया है. पड़ोसियों के अनुसार, जिस दिन CBI टीम वहां पहुंची, उस समय घर पर एक छोटा लड़का मौजूद था.
प्रोफेसर मनीषा मांढरे पर कसा शिकंजा
उधर, NEETUG 2026 पेपर लीक मामले में पुणे की प्रोफेसर मनीषा मांढरे की गिरफ्तारी के बाद कॉलेज की प्रिंसिपल सामने आई है. दरसअल, NEETUG 2026 पेपर लीक मामले में CBI नेपुणे की वरिष्ठ शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मांढरे को गिरफ्तार किया है. मनीषा मांढरे पुणे के प्रतिष्ठित मॉडर्न कॉलेज में बायोलॉजी विषय की वरिष्ठ प्रोफेसर थीं और छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती थीं. इस मामले में पुणे के मॉडर्न कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. निवेदिता एकबोटे ने कहा कि परीक्षा से जुड़ा काम सीधे NTA और संबंधित प्रोफेसर के बीच होता है और गोपनीयता के कारण कॉलेज की इसमें कोई भूमिका नहीं होती।
उन्होंने कहा कि मनीषा मांढरे पिछले 24 वर्षों से मॉडर्न कॉलेज में कार्यरत थीं और उनका व्यवहार सामान्य था. अब तक उनके खिलाफ किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई थी. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को जो भी सहयोग चाहिए होगा, कॉलेज प्रशासन पूरा सहयोग करेगा.



