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​​​लड़कियों के PG में रात के अंधेरे में घुसता था बिना कपड़ों का शख्स, महिलाओं के कपड़े चुराने और धमकाने के आरोप से मचा हड़कंप

​​​लड़कियों के PG में रात के अंधेरे में घुसता था बिना कपड़ों का शख्स, महिलाओं के कपड़े चुराने और धमकाने के आरोप से मचा हड़कंप

धारवाड़, कर्नाटक: कर्नाटक के धारवाड़ स्थित सप्तापुर इलाके में लड़कियों के पीजी परिसर की सुरक्षा को लेकर कुछ दिन पहले सामने आया एक मामला चर्चा में रहा। आरोप है कि एक अज्ञात शख्स रात के समय बिना कपड़ों के पीजी परिसर में घुसता था और वहां सूखने के लिए रखे महिलाओं के अंतःवस्त्र चुरा लेता था। विरोध करने पर महिलाओं को धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं। घटना सामने आने के बाद पीजी में रहने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

तीन महीने से परेशान होने का दावा

स्थानीय महिलाओं के आरोपों के मुताबिक, पिछले करीब तीन महीनों से इलाके में इस तरह की घटनाएं हो रही थीं। कथित तौर पर आरोपी रात के अंधेरे में पीजी की दीवार फांदकर या गेट के रास्ते परिसर में दाखिल होता था। इसके बाद वह वहां सूखने के लिए फैलाए गए महिलाओं के अंतःवस्त्र लेकर चला जाता था।

आरोप है कि जब महिलाओं ने शोर मचाया या इस हरकत का विरोध किया, तो वह उन्हें नुकसान पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देकर भाग जाता था। इन आरोपों ने पीजी में रहने वाली महिलाओं के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया।

सीसीटीवी फुटेज से सामने आया मामला

इस घटना से जुड़ी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। रिपोर्ट के अनुसार, फुटेज में रात के समय एक व्यक्ति बिना कपड़ों के पीजी परिसर में घूमता दिखाई देता है। घटना ने परिसर में रहने वाली छात्राओं और नौकरीपेशा महिलाओं की निजता तथा सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए।

परिवारों से दूर रहकर पढ़ाई और नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास बेहद जरूरी है। ऐसे में परिसर में बाहरी व्यक्ति के कथित तौर पर दाखिल होने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान देने की जरूरत को सामने रखा।

पुलिस से कार्रवाई की मांग

यह मामला धारवाड़ सबअर्बन पुलिस थाना क्षेत्र का बताया गया है। घटना सामने आने के बाद महिलाओं ने पुलिस से संबंधित व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस मामले की जांच कर रही थी।

हालांकि, आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी और जांच की मौजूदा स्थिति के बारे में स्वतंत्र रूप से पुष्टि की गई जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

यह घटना याद दिलाती है कि पीजी और छात्रावासों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश पर निगरानी और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर कुछ दिन पहले सामने आई रिपोर्ट और महिलाओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की वर्तमान स्थिति और पुलिस की आगे की कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

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