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​​​बचपन का प्यार बना खूनी दुश्मनी की वजह! प्रेमिका की शादी हुई तो पति को पार्टी के बहाने बुलाया, फिर नाले के पास मिला शव

​​​बचपन का प्यार बना खूनी दुश्मनी की वजह! प्रेमिका की शादी हुई तो पति को पार्टी के बहाने बुलाया, फिर नाले के पास मिला शव

एक युवक की शादी को अभी ज्यादा समय नहीं हुआ था। परिवार के मुताबिक, उसकी जिंदगी सामान्य चल रही थी, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि उसकी पत्नी के अतीत से जुड़ा एक रिश्ता उसकी जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। एक रात उसे पार्टी के बहाने फोन करके बुलाया गया। अगले दिन उसका शव सुनसान इलाके में मिला। शुरुआत में हत्या की वजह स्पष्ट नहीं थी, लेकिन मोबाइल कॉल की जांच ने पुलिस को एक ऐसे व्यक्ति तक पहुंचाया, जिसका मृतक के परिवार से पहले से परिचय था।

पूछताछ में पुलिस के सामने कथित प्रेम संबंध, बढ़ते शक और हत्या की साजिश की कहानी सामने आई। मामले में कई लोगों की भूमिका की बात कही गई, जबकि कुछ आरोपियों के फरार होने का दावा भी किया गया था।

सुनसान इलाके में मिला युवक का शव

यह मामला मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र से जुड़ा बताया गया। एक सुबह औद्योगिक इलाके के पास नाले के नजदीक एक युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। घटनास्थल की स्थिति से हत्या की आशंका जताई गई।

पुलिस ने शव की पहचान आसपास के गांव में रहने वाले करीब 26 वर्षीय युवक के रूप में की। परिजनों ने बताया कि वह पिछली शाम किसी का फोन आने के बाद घर से निकला था, लेकिन रातभर वापस नहीं लौटा।

युवक की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। परिवार के लोगों के मुताबिक, उसकी किसी से खुली दुश्मनी की जानकारी नहीं थी। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर उसकी हत्या किसने और क्यों की?

मोबाइल कॉल से जांच को मिला सुराग

पुलिस ने मृतक के परिवार और पत्नी से पूछताछ की। शुरुआती बातचीत में हत्या की वजह का स्पष्ट पता नहीं चला। इसी दौरान पुलिस को मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल मिली। उसमें आखिरी बार संपर्क करने वालों में पत्नी के मायके के गांव का एक युवक भी शामिल था।

परिवार ने बताया कि वह युवक पहले भी उनके घर आता-जाता था। इस जानकारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ करने का फैसला किया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उस युवक ने कथित तौर पर हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की। उसने दावा किया कि मृतक की पत्नी से उसका बचपन से प्रेम संबंध था और शादी के बाद भी वह उसे भुला नहीं पाया था।

शादी के बाद भी पुराना रिश्ता बना रहा विवाद की वजह

प्रकाशित विवरण के मुताबिक, दोनों की जान-पहचान किशोरावस्था से थी और समय के साथ उनके बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं। बाद में युवती की शादी दूसरे युवक से हो गई। इसके बावजूद कथित तौर पर पुराना प्रेम संबंध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

आरोप है कि शादी के बाद महिला का पुराना परिचित उसके पति से दोस्ती बढ़ाकर उसके घर आने-जाने लगा। इसी दौरान दोनों के बीच दोबारा संपर्क बढ़ने की बात कही गई।

हालांकि, कुछ समय बाद पति को उनके संबंधों पर शक होने लगा। बताया गया कि इसके बाद उसने उस युवक से दूरी बनानी शुरू कर दी। महिला ने भी उससे मिलना-जुलना कम कर दिया। पुलिस के मुताबिक, इसी स्थिति से परेशान होकर आरोपी ने कथित तौर पर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

पार्टी के बहाने बुलाने की साजिश

जांच से जुड़ी प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया कि मुख्य आरोपी ने अपने कुछ साथियों को भी योजना में शामिल किया। कथित तौर पर उन्हें पैसे का लालच दिया गया और हत्या में मदद करने के लिए तैयार किया गया।

इसके बाद घटना से एक दिन पहले शराब का इंतजाम किया गया। आरोप है कि मृतक को फोन करके औद्योगिक क्षेत्र में पार्टी के लिए बुलाया गया। वह वहां पहुंचा तो आरोपियों ने उसके साथ शराब पी।

पुलिस के मुताबिक, इसके बाद युवक पर हमला किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। शव को घटनास्थल के पास छोड़कर आरोपी वहां से चले गए। जांचकर्ताओं को संदेह था कि वारदात को अंजाम देने वालों ने पहचान छिपने की उम्मीद की थी, लेकिन मोबाइल कॉल और पूछताछ से पुलिस उन तक पहुंच गई।

एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश का दावा

प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ उसके एक कथित साथी को गिरफ्तार किया था। अन्य लोगों के फरार होने की बात भी कही गई थी। मामले में आरोपियों की भूमिका, साजिश और हत्या के घटनाक्रम की पुष्टि अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर होनी है।

यह घटना बताती है कि पुराने रिश्तों को लेकर पैदा हुआ तनाव किस तरह गंभीर अपराध में बदल सकता है। हालांकि, किसी भी हत्या के पीछे की वजह तय करते समय जांच में सामने आए आरोपों और अदालत में साबित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध प्रकाशित विवरण पर आधारित है। इसमें वर्णित आरोपों और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। आरोपियों की दोषसिद्धि या मामले के अंतिम परिणाम के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले न्यायिक प्रक्रिया को ध्यान में रखना आवश्यक है।

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