CrimeIndiaTrendingUttar Pradesh

एएमयू में ग्रिंडर और माई बॉय ऐप से ब्लैकमेलिंग: समलैंगिक बताकर युवकों को फंसाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, एक छात्र गिरफ्तार..

एएमयू में ग्रिंडर और माई बॉय ऐप से ब्लैकमेलिंग: समलैंगिक बताकर युवकों को फंसाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, एक छात्र गिरफ्तार..

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) परिसर में डेटिंग ऐप के जरिए युवकों को फंसाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाने और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूलने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एएमयू के एक बीबीए छात्र को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल से 15 आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

डेटिंग ऐप के जरिए बनाते थे शिकार जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले करीब छह महीने से चर्चित जियो-लोकेशन आधारित डेटिंग ऐप ‘ग्रिंडर’ (Grinder) और ‘माई बॉय’ (My Boy) का इस्तेमाल कर रहा था। आरोपी 50 किलोमीटर की रेंज में अपने शिकार तलाशते थे और समलैंगिक दोस्ती का झांसा देकर उन्हें एएमयू के विकारुल मुल्क (वीएम) हॉल के एक कमरे में बुलाते थे। कमरे में पहले से मौजूद अन्य साथी पीड़ित को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट करते थे और फिर उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लेते थे।

पीड़ितों से वसूले लाखों रुपये यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब एएमयू के एक कर्मचारी के 19 वर्षीय बेटे ने हिम्मत जुटाकर पूरी आपबीती पुलिस को बताई। पीड़ित के अनुसार, 17 अगस्त को उसे मिलने के बहाने वीएम हॉल बुलाया गया था, जहां वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी गई और लगातार पैसों की मांग की जाने लगी। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने अब तक करीब 25 लोगों को अपना निशाना बनाया है और उनसे लगभग सात लाख रुपये ऐंठे हैं। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी पीड़ितों से कैमरे पर यह भी कहलवाते थे कि उनके साथ कुछ गलत नहीं हुआ है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम का गठन किया गया है। गिरफ्तार छात्र शहजिल के मोबाइल फोन, यूपीआई लेनदेन, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस बरामद वीडियो के आधार पर अन्य पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है ताकि गिरोह से जुड़े बाकी आरोपियों को भी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply