उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक बार फिर दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. हजारा नहर में नहाने गए चार युवक तेज बहाव की चपेट में आ गए. हादसे में तीन सगे भाई अब भी लापता हैं, जबकि एक युवक को गोताखोरों ने सकुशल बाहर निकाल लिया है. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है.

कासगंज के हजारा नहर स्थित झाल के पुल पर उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब चार युवक नहर में नहाने के दौरान डूब गए. सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी. इसके बाद प्रशासन और पीएसी की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया.
तीन अभी भी लापता
जानकारी के अनुसार सभी युवक हाथरस जिले के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव टिकरी कला के रहने वाले हैं. चारों युवक नहर में नहाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन गहरे पानी और तेज बहाव का अंदाजा नहीं लगा सके. रेस्क्यू टीम ने 24 वर्षीय सुमित पुत्र रामसिंह को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया है. वहीं तीन युवक 27 वर्षीय जयप्रकाश, 24 वर्षीय अजय, 22 वर्षीय हरेंद्र उर्फ छोटू अभी भी नहर में लापता हैं. पीएसी के प्रशिक्षित गोताखोर लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिल सका.
लापता युवकों की तलाश में जुटे गोताखोर
घटना के बाद जैसे ही सूचना परिजनों तक पहुंची, गांव में कोहराम मच गया. परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और नहर किनारे अपने बेटों की तलाश में बिलखते नजर आए. चारों लड़के नहर पर नहाने आए थे. अचानक पानी के तेज बहाव में बह गए. प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द बच्चों की तलाश की जाए.
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं. पीएसी की टीम लगातार नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही है . सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बारबार हो रहे ऐसे हादसों के बावजूद हजारा नहर के खतरनाक हिस्सों पर सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए जा रहे?
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
फिलहाल तीनों लापता युवकों की तलाश जारी है और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर नहर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.



