
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी में नाबालिग से दुष्कर्म और गर्भपात कराने के आरोप का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस नेता एवं पूर्व पार्षद रजनीकांत सोनकर के बेटे अनुज सोनकर, उसके भाई राहिल सोनकर और कैफे संचालक हर्ष जॉनसन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
फरवरी से शुरू हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, पीड़िता और अनुज सोनकर एक-दूसरे को पहले से जानते थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फरवरी 2026 में जब नाबालिग अपने घर पर अकेली थी, तब अनुज ने उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद भी कई बार दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया गया है।
जून में पीड़िता ने आरोपी को अपने गर्भवती होने की जानकारी दी। इसके बाद आरोपी के बड़े भाई राहिल सोनकर पर मेडिकल स्टोर से गर्भपात की दवा लाकर देने का आरोप लगाया गया। पीड़िता के मुताबिक, दवा लेने के बाद उसका गर्भपात हो गया। इसी आरोप के आधार पर पुलिस ने राहिल को मामले में सह-आरोपी बनाया।
कैफे के केबिन में भी गलत हरकत का आरोप
पुलिस के मुताबिक, गर्भपात के करीब तीन महीने बाद अनुज पीड़िता को इटारसी के एक कैफे में लेकर गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां कैफे के केबिन में भी उसके साथ जबरदस्ती की गई।
इसके बाद 10 सितंबर को पीड़िता ने अनुज से शादी करने की बात कही। आरोप है कि उसने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ महिला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया
शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पहले राहिल सोनकर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 16 सितंबर को पुलिस ने मुख्य आरोपी अनुज सोनकर और कैफे संचालक हर्ष जॉनसन को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जांच में कैफे से जुड़े साक्ष्यों की भी पड़ताल की गई। एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को जांच के दौरान कैफे में बने कथित गुप्त केबिनों से जुड़े साक्ष्य मिले और कैफे संचालक पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका के संबंध में भी जांच की जा रही है।
राजनीतिक परिवार से जुड़े हैं आरोपी
पुलिस और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य आरोपी अनुज सोनकर के पिता रजनीकांत सोनकर इटारसी के कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद बताए गए हैं। वहीं राहिल सोनकर के भाजपा से जुड़े होने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है।
फिलहाल पुलिस मामले में दर्ज आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।



